गोरखपुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक तारामंडल स्थित बंटी मैरिज लॉन में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने की, जबकि संचालन महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने किया।
बैठक में आगामी आम बजट को लेकर केंद्र सरकार से कर्मचारियों, पेंशनरों एवं आमजन के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई, घटती क्रयशक्ति और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर ठोस एवं कर्मचारी-हितैषी निर्णय लिया जाना समय की आवश्यकता है।
बैठक में सरकार के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी गईं —
वर्तमान में देय 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते को मूल वेतन में मर्ज किया जाए। आठवें वेतन आयोग के गठन, कार्यकाल एवं उसकी संस्तुतियों को लागू किए जाने की स्पष्ट समयसीमा घोषित की जाए तथा इसमें फिटमेंट फैक्टर 3.86 निर्धारित किया जाए। वेतन आयोग का लाभ पेंशनरों को भी समान रूप से दिया जाए। पेंशनरों को 65, 70, 75 एवं 80 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर अतिरिक्त महंगाई भत्ता प्रदान किया जाए।
कर्मचारियों ने नई पेंशन योजना (NPS) एवं एकीकृत पेंशन व्यवस्था (UPS) को समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) बहाल किए जाने की मांग की। साथ ही कोरोना काल में निलंबित किए गए सभी भत्तों को पुनः बहाल करने, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती एवं समयबद्ध पदोन्नति सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई।
इसके अतिरिक्त आयुष्मान एवं पंडित दीनदयाल कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनाए जाने तथा पेंशनरों की रेलवे किराया रियायत को पुनः बहाल किए जाने की मांग भी बजट में शामिल करने को कहा गया।
बैठक में उपस्थित कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि आगामी बजट में इन न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो कर्मचारी संगठनों को आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए विवश होना पड़ेगा। परिषद ने सरकार से अपील की कि कर्मचारी-हितैषी बजट प्रस्तुत कर कर्मचारियों, पेंशनरों और आमजन के जीवनस्तर को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस पहल की जाए।
बैठक में अशोक पांडेय, रूपेश कुमार श्रीवास्तव, मदन मुरारी शुक्ल, गोविंद जी, राजेश सिंह, पंडित श्याम नारायण शुक्ल, अनिल द्विवेदी, राजेश मिश्रा, बंटी श्रीवास्तव, सौरभ श्रीवास्तव, इजहार अली, संतोष सिंह, मिथिलेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

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