<!--Can't find substitution for tag [blog.voiceofbasti.page]--> - Voice of basti

Voice of basti

सच्ची और अच्छी खबरें

Breaking

वॉयस ऑफ बस्ती में आपका स्वागत है विज्ञापन देने के लिए सम्पर्क करें 9598462331

Wednesday, January 28, 2026

पूर्वोत्तर रेलवे में सौर ऊर्जा को बढ़ावा, 8.22 मेगावॉट रूफ टॉप सोलर क्षमता हुई स्थापित

वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता

गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा के गैर-पारम्परिक स्रोत सौर ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे के कार्यालय भवनों, विश्रामगृहों, स्टेशनों, समपारों सहित अन्य परिसरों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। साथ ही विद्युत ऊर्जा की बचत के लिए स्टार रेटेड विद्युत उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।

दिसम्बर, 2025 तक पूर्वोत्तर रेलवे पर रूफ टॉप सोलर पैनल की कुल क्षमता 8.22 मेगावॉट हो चुकी है। अप्रैल से दिसम्बर, 2025 के बीच सोलर पैनलों से कुल 47.31 लाख यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन हुआ, जिससे लगभग 1.71 करोड़ रुपये के रेल राजस्व की बचत हुई है।

ऊर्जा संरक्षण की दिशा में पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। रेलवे पर कुल 22.17 मेगावॉट क्षमता के रूफ टॉप सोलर पैनल विभिन्न स्टेशनों, सर्विस बिल्डिंगों, रेलवे क्वार्टरों एवं समपारों पर लगाए जाने की स्वीकृति दी गई है। इनमें से 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान दिसम्बर, 2025 तक 2.557 मेगावॉट क्षमता के सोलर पैनल कमीशन किए जा चुके हैं, जबकि शेष 19.613 मेगावॉट क्षमता के सोलर पैनल लगाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

योजना के अनुसार 9.767 मेगावॉट क्षमता के सोलर पैनल मार्च, 2026 तक तथा 9.846 मेगावॉट क्षमता के सोलर पैनल दिसम्बर, 2026 तक लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके पूर्ण होने पर प्रतिवर्ष लगभग 214.76 लाख यूनिट ऊर्जा का उत्पादन होगा, जिससे करीब 15 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष रेल राजस्व की बचत होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर रेलवे पर सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग की राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सराहना हो रही है। ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय योगदान के लिए पूर्वोत्तर रेलवे को ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर क्षेत्रीय रेलों में सर्वोच्च स्थान भी प्राप्त हो चुका है।

रेलवे द्वारा ऊर्जा संरक्षण हेतु स्टार रेटेड पम्प, वाटर हीटर, एयर कंडीशनर, फ्रीज एवं अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सोलर प्लांट, सोलर पम्प, सोलर गीजर तथा सोलर स्ट्रीट लाइट का व्यापक प्रयोग किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप पूर्वोत्तर रेलवे में नॉन-ट्रैक्शन विद्युत ऊर्जा की खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages