वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गाजियाबाद। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, गाजियाबाद ने वर्ष 2025 में पासपोर्ट सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विदेश मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत 21 अप्रैल 2025 से पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम संस्करण 2.0 को सफलतापूर्वक लागू किया गया, जिससे पासपोर्ट निर्गमन प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और त्वरित हुई। इसी के साथ आवेदकों को ई-पासपोर्ट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
वर्ष 2025 के दौरान क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, गाजियाबाद द्वारा कुल 3,55,094 पासपोर्ट तथा 11,308 पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (पीसीसी) जारी किए गए। यह किसी एक वर्ष में कार्यालय द्वारा जारी किए गए पासपोर्टों की अब तक की सर्वाधिक संख्या है।
आवेदकों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों में पासपोर्ट एवं पीसीसी अपॉइंटमेंट की संख्या लगभग दोगुनी की गई। वहीं लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए “वॉक-इन” सुविधा को और सुदृढ़ किया गया, जिसके अंतर्गत सोमवार से गुरुवार तक बिना ऑनलाइन अपॉइंटमेंट कार्यालय आकर लंबित प्रकरणों का निस्तारण किया गया।
कार्यालय द्वारा नियमित विशेष अभियानों के माध्यम से लंबित मामलों वाले आवेदकों को पत्र भेजकर कार्यालय बुलाया गया। इसके अतिरिक्त वर्ष 2025 में 33 शनिवारों को कार्यालय को अतिरिक्त कार्यदिवस के रूप में खोला गया। साथ ही क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले पासपोर्ट सेवा केंद्र एवं डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों को भी शनिवार के दिन विशेष रूप से संचालित किया गया।
आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु पासपोर्ट लोक अदालतों का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी द्वारा आवेदकों से सीधे संवाद स्थापित कर समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए गए। इसके अलावा विभिन्न जिलों में “पासपोर्ट मेला” आयोजित कर नागरिकों को विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
“पासपोर्ट सेवा आपके द्वार” योजना के अंतर्गत वर्ष 2025 में 14 प्रतिष्ठित सरकारी एवं शैक्षणिक संस्थानों में पासपोर्ट मोबाइल वैन तैनात की गई, जिससे बड़ी संख्या में आवेदकों को समयबद्ध सेवाएं प्राप्त हो सकीं। सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हेतु डाक विभाग, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज तथा कार्यालय के कार्मिकों को नियमित प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
आवेदकों की सहायता के लिए एक सशक्त शिकायत निवारण तंत्र विकसित किया गया है, जिसके अंतर्गत विशेष ई-मेल आईडी एवं हेल्पलाइन नंबर संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही कार्यालय के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) प्लेटफॉर्म के माध्यम से पासपोर्ट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ नियमित रूप से साझा की जा रही हैं।
इसके अतिरिक्त पासपोर्ट सेवा केंद्र, गाजियाबाद परिसर में ट्राइफेड के सहयोग से जनजातीय उत्पादों के लिए एक विशेष स्टॉल की स्थापना की गई है, जिसे जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और सशक्तीकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल माना जा रहा है।

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