वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
संतकबीरनगर। थाना दुधारा क्षेत्र निवासी 14 वर्षीय बालक मो. जैद द्वारा पढ़ाई के दबाव और घर पर डांट के भय से अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रचने का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में अपहरण की कोई घटना नहीं पाई गई और पूरा प्रकरण बालक द्वारा स्वयं गढ़ी गई मनगढ़ंत कहानी सिद्ध हुआ।
जानकारी के अनुसार मो. जैद ने अपने परिजनों को फोन कर बताया था कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने रुमाल में बेहोशी की दवा सुंघाकर उसका अपहरण कर लिया और उसे बस्ती रेलवे स्टेशन ले गए। बालक ने यह भी कहा कि होश आने पर वह वहां से भाग निकला और ट्रेन से गोंडा रेलवे स्टेशन पहुंच गया। इस सूचना से परिजन घबरा गए और गोंडा चाइल्ड लाइन की सहायता से बालक को सकुशल घर वापस लाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देश पर थाना दुधारा पुलिस ने गहन जांच की। जांच के दौरान बालक के चाचा नूरुल होदा खान निवासी जातेडिहा दुबौलिया द्वारा 16 जनवरी 2026 को थाना दुधारा में लिखित प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसमें बताया गया कि मो. जैद पढ़ाई-लिखाई के दबाव से भयभीत रहता था और पढ़ाई में मन न लगने के कारण अपनी बुआ के यहां गुजरात जाने की योजना बना रहा था।
प्रार्थना पत्र के अनुसार 13 जनवरी 2026 को लगभग दोपहर 3 बजे मो. जैद ट्यूशन जाने के बहाने साइकिल लेकर घर से निकला। रास्ते में साइकिल पंचर हो जाने पर उसने साइकिल कस्बा दुधारा में एक साइकिल मिस्त्री की दुकान पर छोड़ दी और वहां से टेंपो द्वारा बस्ती रेलवे स्टेशन पहुंच गया। इसके बाद उसने लखनऊ की ओर जाने वाली ट्रेन पकड़ ली। घर पर डांट पड़ने के भय और पैसों की कमी के कारण उसने ट्रेन में यात्रा कर रहे एक यात्री के मोबाइल फोन से अपने परिजनों को अपहरण की झूठी सूचना दे दी।
पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि बालक के अपहरण की कोई घटना नहीं हुई थी और यह पूरी कहानी स्वयं बालक द्वारा रची गई थी। पुलिस ने परिजनों को बालक की काउंसलिंग कराने तथा पढ़ाई को लेकर उस पर अनावश्यक दबाव न डालने की सलाह दी है।
No comments:
Post a Comment