सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार 13 दिसंबर 2025 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिद्धार्थनगर में एक महत्वपूर्ण प्री-ट्रायल बैठक आयोजित की गई।
यह बैठक जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देश पर आज शाम 4:30 बजे प्रशासनिक अधिकारियों एवं विभिन्न बैंकों के अधिकारियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। बैठक में न्यायपालिका, प्रशासन और बैंकिंग सेक्टर से जुड़े शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से मोहम्मद रफ़ी, अपर जनपद न्यायाधीश; बीरेन्द्र कुमार, अपर जनपद न्यायाधीश (पॉक्सो)/नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत; शैलेन्द्र नाथ, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विश्वजीत सौरयान; अपर पुलिस अधीक्षक श्रीमती बीना तिवारी; उप प्रभागीय वनाधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह; जिला पूर्ति अधिकारी सहित विभिन्न प्रमुख बैंकों के अधिकारी तथा श्रम, स्वास्थ्य, आबकारी, सहकारिता, स्टाम्प, नेडा एवं परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सभी विभागों एवं बैंकों को निर्देश दिया गया कि अधिक से अधिक लंबित वादों को चिन्हित कर लोक अदालत में निस्तारण हेतु भेजा जाए। साथ ही बैंक ऋण, विद्युत बिल, पानी बिल, मोटर दुर्घटना, पारिवारिक विवाद, श्रम एवं राजस्व संबंधी मामलों में विशेष प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
नोडल अधिकारी बीरेन्द्र कुमार ने सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देशित किया कि पैरालीगल वॉलंटियर्स के माध्यम से जिला मुख्यालय, तहसीलों, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, अस्पताल, हाट-बाज़ार, बैंक आदि स्थानों पर जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। लोक अदालत की कार्यप्रणाली, निस्तारित किए जा सकने वाले वादों एवं इसके लाभों से आम जनता को अवगत कराने के निर्देश दिए गए, ताकि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकतम जनसहभागिता सुनिश्चित हो सके।

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