बस्ती। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत इम्पैक्ट इंडिया प्रोजेक्ट द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हर्रैया में टीबी चैंपियनों की एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता एमओटीसी डॉ. नंदलाल ने की। कार्यशाला का उद्देश्य टीबी का उपचार पूरा कर चुके चैंपियनों को समुदाय में जागरूकता फैलाने और अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए प्रशिक्षित करना रहा।
डॉ. नंदलाल ने कहा कि टीबी उन्मूलन तभी सफल होगा जब समाज का हर वर्ग आगे आए। टीबी चैंपियन अपनी वास्तविक जीवन यात्रा से लोगों को प्रेरित कर सकते हैं और उन्हें जांच व पूर्ण उपचार के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं। एसटीएस राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि टीबी पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है और सरकार मुफ्त जांच, मुफ्त दवा तथा निक्षय पोषण योजना जैसी सुविधाएँ दे रही है। उन्होंने चैंपियनों से इन योजनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने की अपील की।
एसटीएलएस संजय कुमार पांडेय ने कहा कि समय पर जांच व नियमित दवा सेवन टीबी को जड़ से मिटाने की कुंजी है। उन्होंने आधुनिक जांच सुविधाओं व मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग की जानकारी दी। इम्पैक्ट इंडिया प्रोजेक्ट लीड प्रमोद तिवारी ने टीबी उन्मूलन को सामाजिक दायित्व बताते हुए चैंपियनों की भूमिका को अहम बताया।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को संवाद कौशल, व्यवहारिक प्रशिक्षण एवं समुदाय से जुड़ने की रणनीतियों पर मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम में रवि सोनकर, शीला कुमारी, सुषमा मिश्रा, वंदना यादव सहित अनेक टीबी चैंपियन मौजूद रहे।

No comments:
Post a Comment