गोरखपुर। लंबे समय से चली आ रही जनता की मांग को पूरा करते हुए गोरखपुर-पीलीभीत एक्सप्रेस को इज़्ज़तनगर (बरेली) तक विस्तार दे दिया गया है। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने रेल भवन, नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस विस्तार का उद्घाटन किया। यह ट्रेन पहले केवल गोरखपुर-लखीमपुर के बीच चलती थी, जिसे कुछ समय पूर्व पीलीभीत तक बढ़ाया गया था। अब इसे बरेली तक बढ़ाए जाने से तराई क्षेत्र को बड़ा फायदा मिलने जा रहा है।
इज़्ज़तनगर तक सेवा विस्तार से किसानों, छात्रों, कारोबारियों और यात्रियों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा। कृषि और वन उत्पादों की बाज़ार पहुँच बढ़ेगी, पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा और क्षेत्रीय सामाजिक-आर्थिक विकास में गति आएगी। बेहतर संपर्क से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 2014 के बाद उत्तर प्रदेश में रेलवे विकास अभूतपूर्व स्तर पर हुआ है। राज्य में 5,272 किलोमीटर नए ट्रैक का निर्माण हुआ, जो स्विट्जरलैंड के रेल नेटवर्क से भी अधिक है। यूपी ने अपने रेल मार्गों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण भी पूरा कर लिया है। इसी अवधि में 1,660 फ्लाईओवर और अंडरब्रिज बनाए गए हैं। स्टेशनों पर 154 लिफ्ट, 156 एस्केलेटर और 771 स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वर्तमान में 34 वंदे भारत और 26 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें राज्य में संचालित हो रही हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में रेलवे बजट 1,109 करोड़ रुपये से बढ़कर 19,858 करोड़ रुपये हो गया है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 157 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें से कई का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर चुके हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि इस विस्तार से छात्रों, किसानों और पर्यटकों को विशेष लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। भारतीय रेलवे का यह कदम तराई क्षेत्र में बेहतर और टिकाऊ रेल सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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