गोरखपुर। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने विकास भवन सभागार में जनपद में विकास से संबंधित समस्त निर्माणाधीन कार्यो के प्रगति की समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में विभिन्न क्षेत्रों में सड़क, नाला, भवन, फ्लाईओवर, सेतु , ओवरब्रिज, स्कूल, छात्रावास, प्रशासनिक भवन, आदि के निर्माण हेतु चल रहे सभी कार्यों के प्रगति की गहन समीक्षा की तथा निर्माण में संलग्न कार्यदायी संस्थाओं को सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के अंदर पूर्ण करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कुछ निर्माण कार्यों में धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की तथा उनको समय पर पूर्ण करने हेतु कड़े निर्देश भी दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्माण कार्यो में किसी भी स्तर पर लापरवाही को बहुत ही गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित विभाग के अधिकारी उसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे। उन्होंने निर्देश दिया कि कार्यों को समय पर पूर्ण करने हेतु श्रमबल तथा मशीनरी क्षमता में वृद्धि करें। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्माण कार्य में कोई अड़चन आ रही हो तो उन्हें या मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जो भी निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उनको हैण्डओवर कराने की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का विलम्ब न किया जाए। बैठक में जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड, भवन खंड, सेतु निगम, यू0पी0 सिड़को, आवास-विकास परिषद, सी0एण्ड0डी0एस0, राजकीय निर्माण निगम, एनएचआई , उ0प्र0 जल निगम ग्रामीण ,ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, सिंचाई विभाग बाढ़ खंड, नगर निगम सहित अन्य कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों को समीक्षा की।
बैठक में जिलाधिकारी ने त्वरित आर्थिक विकास योजना, पूर्वांचल विकास निधि, सांसद निधि तथा क्रिटिकल गैप्स योजना के अंतर्गत किए जा रहे निर्माण कार्यों के प्रगति की समीक्षा की तथा लंबित सभी कार्यों को त्वरित गति से पूर्ण करने का निर्देश दिया। त्वरित आर्थिक विकास योजना के अंतर्गत किए जा रहे निर्माण कार्यों को जल्द से जल्द से पूर्ण करने हेतु जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियन्ता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा एवं नगर निगम को निर्देशित किया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी तथा सभी कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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