बस्ती। पिता की टोका टॉकी से नाराज कलयुगी पुत्र ने अपने पिता की हत्या कर दी। हत्यारे बेटे का कहना था कि मेरे पिताजी हमेशा टोकते रहते थे मुझसे जलन रखते थे। क्योंकि मै उनके साथ काम करने ना जाकर दूसरे के वहॉ काम करने जाता हूॅं मेरी पत्नी मुझे छोडकर चली गयी मै शादी के लिए कहता था तो नहीं मान रहे थे। इन सब बातों से नाराज कलीयुगी पुत्र ने पिता की हत्या कर दिया। हत्यारे राजकुमार पुत्र स्व0 बिहारी को थाना दुबौलिया पुलिस, स्वाट टीम बस्ती व सर्विलांस टीम बस्ती की संयुक्त कार्यवाही में समय करीब 01 बजकर 20 मिनट पर थाना दुबौलिया क्षेत्रान्तर्गत विशेषरगंज बाज़ार से गिरफ्तार कर लिया।
घटना का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधिक्षक ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि 12 जुलाई को राहुल पुत्र बिहारी निवासी ग्राम साँड़पुर थाना दुबौलिया जनपद बस्ती द्वारा लिखित शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया कि मेरे पिताजी बिहारी पुत्र मेहीलाल उम्र करीब 60 वर्ष गल्ला पर गाँव के ही श्याम सुन्दर सिंह का खेत जोतते-बोते थे जिनके खेत में वह झोपड़ी डालकर खेत की रखवाली करते थे। 11 जुलाई की रात में खाना खाकर खेत में सोने के लिए गए थे जिन्हें मेरे बड़े पिताजी 12 जुलाई को सुबह समय करीब 07 बजकी 30 मिनट पर चाय देने गए थे, जिन्होंने देखा कि मेरे पिताजी झोपड़ी में रखी चारपाई पर मृत पड़े हुए हैं जिनके सिर पर बाईं तरफ चोट लगा हुआ है, जिनसे मुझे जानकारी प्राप्त होने पर जब मैं मौके पर पहुंचा तो पाया कि पिताजी की मृत्यु हो चुकी है, जहां बगल के गन्ने के खेत में खून गिरा पड़ा हुआ है। मुझे शंका है कि मेरे पिता को गाँव के ही सोमई पुत्र विश्राम द्वारा रंजिशवश मार-पीट कर हत्या कर दी गयी है, जिस पर थाना दुबौलिया पर पंजीकृत कर लिया गया।
एएसपी ने बताया गया कि गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ में बताया कि मुझे धीरे-धीरे शराब पीने की आदत लग गई थी जिससे वह काफी परेशान रहते थे एवं काफी टोका-टाकी करते/ रोक-टोक लगाते थे, जिन बातों को लेकर हम बाप-बेटे के बीच आये दिन लड़ाई-झगड़ा होता रहता था। मैंने घटना के रात में भी शराब पी रखी थी, जिस पर हम दोनों के मध्य लड़ाई-झगड़ा भी हुआ जिसके उपरांत जब वह खेत में सोने चले गये तो घरवालों के सो जाने पर चुपके से खेत में जाकर उनके ही लाठी से उनके सिर पर मार दिया जिससे वो चोट लगने पर जान बचाने के लिए गन्ने के खेत की तरफ भागे जिस पर मुझे आंशका हुई कि अब वो घर जाकर सभी बता देगें, जिस पर मैंने उनके सिर पर पुनः लाठी से प्रहार कर दिया जिससे उनकी मृतु हो गई। मैं उनके शव को पुनः उनके बिस्तर पर रखकर, ऊपर से कंबल डालकर वहां से चला गया एवं अपने बचने के लिए पूर्व में चल रहे मुकदमों के विपक्षी के ऊपर संदेह प्रकट करवाते हुए अपने भाई से विपक्षी के विरुद्ध थाना दुबौलिया पर अभियोग पंजीकृत करवा दिया था ।

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