प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सिंगल बेंच के उस आदेश के अमल पर रोक लगा दी, जिसमें यूपी बोर्ड को निर्देश दिया गया था कि वह याची का नाम शाहनवाज से बदलकर अपने रिकॉर्ड में एमडी समीर राव करे।यह आदेश जस्टिस सुनीता अग्रवाल एवं जस्टिस एके गुप्ता की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से दाखिल विशेष अपील की सुनवाई करते हुए पारित किया। सरकार ने विशेष अपील दाखिल कर सिंगल बेंच द्वारा पारित 25 मई 2023 के आदेश को चुनौती दी थी जिसमें याची के नाम परिवर्तन करने का निर्देश दिया गया था।
कोर्ट ने सरकार को यह भी निर्देश दिया था कि इस तरह के मामले के लिए एक नीति भी बनाई जाए। प्रदेश सरकार की तरफ से बहस करते हुए मुख्य स्थाई अधिवक्ता कुणाल रवि सिंह एवं रामानंद पांडेय का कहना था कि कि सरकार को संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों को सही तरीके से संचालित करने के लिए अधिकार है कि वह इस पर युक्तियुक्त प्रतिबंध लगा सके। ऐसा प्रतिबंध सरकार समाज के बृहद लाभ के लिए कर सकती है।
कोर्ट ने सरकार को यह भी निर्देश दिया था कि इस तरह के मामले के लिए एक नीति भी बनाई जाए। प्रदेश सरकार की तरफ से बहस करते हुए मुख्य स्थाई अधिवक्ता कुणाल रवि सिंह एवं रामानंद पांडेय का कहना था कि कि सरकार को संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों को सही तरीके से संचालित करने के लिए अधिकार है कि वह इस पर युक्तियुक्त प्रतिबंध लगा सके। ऐसा प्रतिबंध सरकार समाज के बृहद लाभ के लिए कर सकती है।
बहस की गई कि यूपी बोर्ड ने अपने रेगुलेशन में इस तरह के नाम परिवर्तन को जो समाज में भ्रम पैदा करें उस पर प्रतिबंध लगा रखा है जो संवैधानिक रूप से गलत नहीं है।मामले के अनुसार शाहनवाज ने याचिका दाखिल कर मांग की थी कि उसका नाम शाहनवाज से एमडी समीर राव करने का निर्देश दिया जाए क्योंकि यूपी बोर्ड नाम परिवर्तन की अनुमति नहीं दे रही है। याची का कहना था कि उसने अन्य सरकारी पत्र यादों में अपना नाम परिवर्तन करा लिया है। कोर्ट ने इस अपील पर पुनः सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तिथि नियत की है और कहा है कि याची को अपना केस प्रस्तुत करने के लिए हाई कोर्ट किसी सीनियर वकील को नामित करे।सिंगल बेंच ने केंद्रीय गृह सचिव एवं प्रदेश के मुख्य सचिव को इस संबंध में लीगल फ्रेम वर्क तैयार करने का भी आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि किसी को नाम बदलने से नहीं रोका जा सकता है। यह मनमाना है। किसी को भी अपनी मर्जी से नाम रखने का मूल अधिकार है। शाहनवाज ने याचिका दाखिल कर कहा था कि उसने अपना नाम बदल लिया है इसलिए बोर्ड के रिकार्ड में उसका नाम शाहनवाज से एमडी समीर राव करने का निर्देश दिया जाए। क्योंकि यूपी बोर्ड नाम परिवर्तन की अनुमति नहीं दे रहा है।
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