आगरा। अक्सर लोग ऐतिहासिक इमारतों पर अपनी छाप छोड़ने के लिये अपना नाम लिख देते हैं। तो कई लोग अपनी मोहब्बत की इबादत ही लिख देते है। अपने नाम के साथ ही अपनी माशूका का नाम और दिल बना कर स्मारकों की दीवारों पर लिख देते हैं। विश्व की सबसे खूबसूरत इमारतों में शुमार ताजमहल भी इससे अछूता नहीं है। इसके साथ ही आगरा किले का जहांगीर महल तो ऐसे नामों से पटा पड़ा है। चारों तरफ आपको नाम लिखे दिखाई दे जाएंगे।
पर्यटकों की इन हरकतों से इन स्मारकों की सुंदरता खराब होती है. साथ ही समाज में गलत संदेश भी जाता है। इसलिए अगर आप भी जाने-अनजाने में ऐसी गलती करते हैं तो अब आपके विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है, और सजा हो सकती है।
पर्यटक स्मारकों को न करें खराब
आगरा के एएसआई राजकुमार पटेल कहते हैं कि अक्सर ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी, एत्माद्दौला जैसी इमारतों पर लोग अपनी मोहब्बत की इबारत लिख देते हैं. यह कहीं न कहीं स्मारकों की खूबसूरती को खराब करता है। हर रोज इन स्मारकों पर 30 से 40 हजार पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। उसकी खूबसूरती को निहारते हैं और उनमें से चार पांच लोग अगर हर रोज दीवारों पर ऐसे ही नाम लिखते रहे तो कल्पना करिये कि एक साल में उस इमारत की क्या स्थिति होगी। चारों तरफ नाम ही नाम लिखे दिखाई देंगे। हम लगातार ऐसे आयोजन करते रहते हैं जिनमें पर्यटकों को इस बात के लिए जागरूक किया जाता है कि वो तमाम पर्यटन स्थल की खूबसूरती को बरकरार रखें।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही अगर कोई भी पर्यटक इमारतों को खराब करता है या स्मारकों पर नाम लिखता पकड़ा जाता है तो ASI ऐक्ट में सजा का प्रावधान है। ऐसे लोगों को जुर्माने के साथ-साथ सजा भी हो सकती है, लेकिन सजा से ज्यादा लोगों को खुद जागरूक होने की जरूरत है।
.jpg)
No comments:
Post a Comment