वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। जिले के प्रख्यात लेखक, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. रामदास पांडेय गंभीर की द्वितीय पुण्यतिथि उनके आवास पर श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर जिले के गणमान्य लोगों और साहित्यकारों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके साहित्यिक एवं सामाजिक योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में छात्रसंघ के पूर्व मंत्री एवं समाजवादी पार्टी के जिला सचिव तथा प्रदेश प्रचारक गगन पांडेय ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ. रामदास पांडेय गंभीर एक विख्यात साहित्यकार थे। ग्रामीण परिवेश में शिक्षा ग्रहण कर उन्होंने प्रधानाचार्य के पद तक का सफर तय किया। उनके पिता स्वर्गीय रामनरेश पांडेय प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य थे। डॉ. गंभीर ने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के साथ सैकड़ों पुस्तकों का लेखन किया। उनकी रचनाएं कई विश्वविद्यालयों के पुस्तकालयों में उपलब्ध हैं, जिन पर शोधार्थी शोध कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने झिनकू लाल इंटर कॉलेज कलवारी और देशराज नारंग इंटर कॉलेज वाल्टरगंज में अध्यापन किया। इसके बाद आयोग से चयनित होकर जनपद मऊ में प्रधानाचार्य बने। सेवानिवृत्ति के बाद वह अपने पैतृक गांव प्रतापीपुर में रहने लगे। बच्चों को शिक्षित करना उनके जीवन का प्रमुख उद्देश्य था। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने विभिन्न विद्यालयों में बच्चों को शिक्षा देने का कार्य जारी रखा।
गगन पांडेय ने कहा कि डॉ. गंभीर का व्यक्तित्व बेहद सरल, सहज और सुशील था। उन्होंने 'अस्तित्व प्रकाशन' नामक संस्था की स्थापना की, जिसका उद्देश्य गरीब बच्चों को शिक्षित करना और सामाजिक क्षेत्र में उनकी मदद करना था। संस्था आज भी इस उद्देश्य को लेकर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर छात्रसंघ के पूर्व मंत्री रविशंकर शुक्ला, पूर्व मंत्री अवनीश कुमार पांडेय, छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष बुद्धेश चौधरी तथा पूर्व अध्यक्ष अभय कुमार पाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए और डॉ. गंभीर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
No comments:
Post a Comment