वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। मानव सेवा और सामाजिक सरोकारों की मिसाल पेश करते हुए बस्ती के बृहस्पति कुमार पाण्डेय ने मृत्यु के बाद देहदान करने का संकल्प लिया है। इस संबंध में उन्होंने महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पूजा यादव को अपना आवेदन पत्र सौंपा। उनकी इस पहल को चिकित्सा शिक्षा और समाजहित की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बृहस्पति कुमार पाण्डेय का मानना है कि मानव जीवन का उद्देश्य केवल अपने लिए जीना नहीं, बल्कि समाज के लिए भी उपयोगी बनना है। इसी सोच के साथ उन्होंने मृत्यु के बाद भी मानवता की सेवा में योगदान देने का निर्णय लिया है। देहदान से मेडिकल के विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना समझने और व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने में मदद मिलती है। इससे भावी चिकित्सकों के प्रशिक्षण और चिकित्सा अनुसंधान को भी बढ़ावा मिलता है।
इस अवसर पर डॉ. पूजा यादव ने उनकी पहल की सराहना करते हुए कहा कि देहदान चिकित्सा शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मानव शरीर मेडिकल विद्यार्थियों के अध्ययन और प्रशिक्षण में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए समाज में देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना आवश्यक है।
बृहस्पति कुमार पाण्डेय ने लोगों से अपील की कि वे देहदान के महत्व को समझें और इस विषय पर परिवार के सदस्यों के साथ चर्चा करें। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद भी मानव शरीर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के माध्यम से समाज के काम आ सकता है।
उनकी यह पहल सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश देती है। देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ने से चिकित्सा शिक्षा को मजबूती मिलेगी और भावी पीढ़ी के चिकित्सकों को बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

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