वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। उत्तर प्रदेश मोटरयान (समूहक व वितरण सेवा प्रदाता) नियमावली, 2026 के तहत एग्रीगेटर एवं वितरण सेवा प्रदाताओं के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमावली के तहत वर्तमान में संचालित एग्रीगेटर एवं वितरण सेवा प्रदाताओं को अधिसूचना के प्रकाशन के 90 दिनों के भीतर लाइसेंस प्राप्त करना होगा। वहीं, नए एग्रीगेटर अथवा वितरण सेवा प्रदाता के रूप में वाहनों का परिचालन शुरू करने से पहले लाइसेंस लेना अनिवार्य है।
परिवहन विभाग के अनुसार ऑनलाइन आवेदन के लिए यूपीएमवाईफ्लीट डॉट कॉम पोर्टल शुरू किया गया है। राज्य परिवहन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश द्वारा अब तक छह एग्रीगेटर/वितरण सेवा प्रदाताओं को लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। इनमें एएनआई टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (ओला), ग्रीन एसएम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, उबर इंडिया सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड, रोपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (रैपिडो), कोमेरेबी टेक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और येलोकैब प्राइवेट लिमिटेड एवं फ्लिपकार्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इसके अतिरिक्त कोई भी कंपनी, व्यक्ति अथवा ई-कॉमर्स इकाई यदि एग्रीगेटर या वितरण सेवा प्रदाता के रूप में वाहनों का संचालन कर रही है तो उसे अनिवार्य रूप से लाइसेंस प्राप्त करना होगा। नियमावली के नियम-125ब के तहत बिना अनुज्ञप्ति के समूहक या वितरण सेवा प्रदाता के रूप में सेवाएं देने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
परिवहन आयुक्त की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सभी संबंधित समूहकों को तत्काल लाइसेंस के लिए आवेदन करने के निर्देश दिए गए हैं। बस्ती संभाग के संभागीय परिवहन अधिकारियों ने भी जनपद में संचालित सभी एग्रीगेटर एवं सेवा वितरण प्रदाताओं को तत्काल पोर्टल पर आवेदन कर लाइसेंस प्राप्त करने को कहा है। निर्देशों का पालन नहीं करने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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