वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। रेल यात्रियों और कर्मचारियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे ने स्टेशनों, कार्यालयों और आवासीय कॉलोनियों में जल गुणवत्ता की निगरानी तेज कर दी है। पानी की टंकियों, वाटर कूलर, फिल्टर, नलों और पाइप लाइनों की नियमित जांच के साथ जल नमूनों का परीक्षण कराया जा रहा है।
लखनऊ मंडल में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मंडल चिकित्सालय बादशाहनगर डॉ. रमेश चन्द और अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) भुवनेश सिंह के संयुक्त निर्देशन में स्वास्थ्य निरीक्षकों ने 11 प्रमुख स्टेशनों पर कुल 156 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण और तीन जीवाणु संवर्धन परीक्षण किए। जांच में सभी जल नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए।
इज्जतनगर मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर भी अवशिष्ट क्लोरीन और जीवाणु संवर्धन परीक्षण नियमित रूप से किए जा रहे हैं। वहीं, वाराणसी मंडल में स्टेशनों, आवासीय कॉलोनियों, कोचिंग डिपो, चिकित्सालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, रनिंग रूम, क्रू लॉबी और कार्यालयों में पेयजल व्यवस्था की जांच की गई। इस दौरान पानी की टंकियों, वाटर कूलर, फिल्टर, पाइप लाइनों और पंपिंग प्रणाली के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया गया।
रेल प्रशासन के अनुसार, यात्रियों और कर्मचारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए पूर्वोत्तर रेलवे के सभी मंडलों में जल गुणवत्ता की जांच और निगरानी का अभियान लगातार जारी रहेगा।

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