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Tuesday, October 27, 2026

80 वर्ष की उम्र में पर्यावरण संरक्षण की अलख जगा रहे पद्मश्री डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, गोटवा पहुंची प्रकृति साइकिल यात्रा


बस्ती। पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन का संदेश लेकर निकली पद्मश्री एवं प्रख्यात पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी की ‘प्रकृति साइकिल यात्रा’ मंगलवार को गोटवा पहुंची। यहां पटेल एसएमएच हॉस्पिटल एंड पैरामेडिकल कॉलेज के प्रबंधक एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वी.के. वर्मा ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। इस दौरान क्षेत्रीय नागरिकों, चिकित्सकों और मेडिकल के विद्यार्थियों ने भी पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान के प्रति उत्साह जताया।

डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि मानव जीवन का अस्तित्व प्रकृति पर निर्भर है। मनुष्य को प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करके ही विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन भविष्य के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकता है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता है।

डॉ. वी.के. वर्मा ने कहा कि 80 वर्ष की उम्र में डॉ. जोशी का पर्यावरण संरक्षण के लिए साइकिल यात्रा पर निकलना अदम्य इच्छाशक्ति, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायी उदाहरण है। उनकी यह यात्रा केवल दूरी तय करने का अभियान नहीं, बल्कि समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराने का सार्थक प्रयास है।

उन्होंने बताया कि 16 सदस्यीय टीम के साथ दो अक्टूबर को नेपाल के जनकपुर से शुरू हुई 4,000 किलोमीटर लंबी यह यात्रा विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक कर रही है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा करना केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि आज जल की बर्बादी नहीं रोकी गई, वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहित नहीं किया गया और पौधरोपण के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई गई, तो आने वाली पीढ़ियों के सामने स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण का संकट खड़ा हो सकता है।

डॉ. वर्मा ने लोगों से जल संरक्षण, पौधरोपण और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग को अपनी जीवनशैली में शामिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा के लिए छोटे-छोटे व्यक्तिगत प्रयास भी बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं।

इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक नागरिक, चिकित्सक और मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी मौजूद रहे।

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