अरुणेश कुमार श्रीवास्तव
गुवाहाटी, असम। पूर्वोत्तर के पहाड़ी, वनांचल और सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल नेटवर्क का विस्तार अब केवल नई पटरियां बिछाने तक सीमित नहीं है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच सुरक्षित और सुचारु रेल संचालन के लिए आधुनिक तकनीक का व्यापक सहारा लिया जा रहा है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने उत्तर प्रदेश से आए पत्रकारों से बातचीत में रेलवे की विभिन्न परियोजनाओं और तकनीकी उपायों की जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 के बाद पूर्वोत्तर में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने तथा वर्षों से लंबित परियोजनाओं को गति देने पर विशेष ध्यान दिया गया। पर्वतीय क्षेत्रों में सुरंगों के निर्माण, रेल मार्गों के विद्युतीकरण और ट्रैक की आधुनिक निगरानी के साथ प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तकनीक को भी मजबूत किया गया है। इसका उद्देश्य दुर्गम इलाकों को देश के प्रमुख हिस्सों से जोड़ने के साथ आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को बढ़ावा देना है।
कपिंजल शर्मा ने बताया कि पूर्वोत्तर के वन क्षेत्रों से गुजरने वाली रेल लाइनों पर हाथियों की आवाजाही रेलवे के सामने बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए सेंसर और केबल आधारित तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। ट्रैक के आसपास हाथियों की गतिविधि का संकेत मिलने पर संबंधित प्रणाली के माध्यम से सूचना पहुंचाई जाती है, जिससे लोको पायलट को सतर्क किया जा सके। उन्होंने बताया कि सुरक्षा उपायों से हाथियों और ट्रेनों के बीच टकराव की घटनाओं में कमी आई है।
पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, भारी बारिश और भूकंप जैसी परिस्थितियों के बीच ट्रैक की निगरानी के लिए आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। आई और लेजर आधारित निगरानी प्रणालियों के साथ मौसम की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि संभावित खतरे का समय रहते आकलन कर रेल परिचालन को सुरक्षित रखा जा सके।
रेलवे के विद्युतीकरण को भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। दिब्रूगढ़ और नाहरलागुन तक विद्युत रेल संचालन की सुविधा से परिचालन दक्षता बढ़ने के साथ डीजल पर निर्भरता और लागत कम करने में मदद मिली है।
कपिंजल शर्मा ने कहा कि पूर्वोत्तर में रेलवे विकास का माध्यम भी बन रहा है। बेहतर रेल संपर्क से स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने, पर्यटन को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिल रही है। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत असम भ्रमण पर आए उत्तर प्रदेश के पत्रकारों ने रेलवे अधिकारियों से संवाद कर पूर्वोत्तर की विकास यात्रा और तकनीकी बदलावों को करीब से समझा।

No comments:
Post a Comment