वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। राष्ट्रीय कवि संगम के संस्थापक अध्यक्ष एवं विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक और राष्ट्रसेवा से जुड़े संगठनों में महत्वपूर्ण दायित्व निभाने वाले जगदीश मित्तल ‘परमार्थी’ के 3 सितंबर 2026 को हुए निधन पर राष्ट्रीय कवि संगम गोरक्ष प्रांत की बस्ती इकाई ने शोकसभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्रीय कवि संगम बस्ती के संरक्षक डॉ. वीरेंद्र त्रिपाठी के आवास पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता गोरक्ष प्रांत अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार मिश्र ने की। कवियों ने जगदीश मित्तल ‘बाबूजी’ के व्यक्तित्व, कृतित्व और समाज तथा राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया।
डॉ. राजेश कुमार मिश्र ने कहा कि वर्ष 2016 में राजस्थान के माउंट आबू में बाबूजी से उनकी पहली मुलाकात हुई थी, जो जीवन की अविस्मरणीय स्मृतियों में शामिल है। उन्होंने कहा कि बाबूजी का स्नेह, दुलार और प्रेमपूर्वक प्रोत्साहित करने की शैली उन्हें सबसे अलग बनाती थी। वे अपने सहज और आत्मीय व्यवहार से हर व्यक्ति को अपना बना लेते थे।
डॉ. वीरेंद्र त्रिपाठी ने उनके साथ बिताए समय और उनकी प्रेरणादायी बातों को याद करते हुए कहा कि उनका जाना राष्ट्रीय कवि संगम परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। जिला अध्यक्ष राकेश राही ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।
वक्ताओं ने कहा कि जगदीश मित्तल ने राष्ट्रीय कवि संगम सहित अनेक सामाजिक एवं राष्ट्रवादी संगठनों को अपने अनुभव और मार्गदर्शन से मजबूत किया। उनके निधन से संगठन ने अपना एक स्नेहिल मार्गदर्शक खो दिया है।
इस अवसर पर अजीत श्रीवास्तव, अविनाश मिश्रा, सर्वेश पांडेय, मनीष, शैलेश, सत्यव्रत मिश्र, हरीश सहित अन्य कवियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

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