गोरखपुर। साइबर अपराधों से बचाव और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अपराध के नेतृत्व में साइबर सेल अपराध शाखा एवं थाना गीडा पुलिस टीम द्वारा गुरुवार को आईटीएम गीडा में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं और शिक्षकगण को डिजिटल अरेस्ट, एपीके फ्रॉड, फेक न्यूज तथा म्यूल अकाउंट सहित विभिन्न साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए।
प्रोजेक्टर के माध्यम से पीपीटी प्रस्तुत कर साइबर अपराधियों के ठगी करने के तरीकों और उनसे बचाव की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में आईटीएम गीडा के सहयोग से 5000 पंपलेट छपवाकर छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकगण को वितरित किए गए। पुलिस टीम ने ऑनलाइन माध्यम से प्रत्येक कक्षा को जोड़कर तथा लाइव यूट्यूब के माध्यम से भी जागरूकता कार्यक्रम संचालित किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी टेलीकॉम अधिकारी या पुलिस अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट और मुकदमे में फंसने का डर दिखाकर लोगों से धनराशि की ठगी कर रहे हैं। ऐसे किसी भी कॉल पर घबराकर पैसे न दें और व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से अपने बैंक खाते किसी अज्ञात व्यक्ति को प्रलोभन में आकर प्रयोग करने के लिए न देने की सलाह दी गई। बैंक खातों की खरीद-फरोख्त में शामिल होने से साइबर अपराध में संलिप्तता का खतरा भी बताया गया।
इसके अलावा सोशल मीडिया अकाउंट का यूजर आईडी और पासवर्ड किसी को न बताने, अश्लील एवं आपत्तिजनक पोस्ट से बचने और अज्ञात एपीके फाइल डाउनलोड न करने के प्रति भी जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं ने अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को साइबर अपराध से बचाव के तरीकों की जानकारी देने का आश्वासन दिया।
पुलिस ने अपील की कि किसी भी साइबर फ्रॉड का शिकार होने पर तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही नजदीकी पुलिस थाने में भी सूचना दें।

No comments:
Post a Comment