- यूजीसी के नए कानून की वापसी सहित सात सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन जारी, सवर्ण आर्मी ने दिया समर्थन
बस्ती। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, यूजीसी के नए कानून की वापसी सहित सात सूत्रीय मांगों को लेकर मेधा पार्टी का गांधी कला भवन परिसर स्थित बापू प्रतिमा के निकट चल रहा धरना रविवार को 21वें दिन भी जारी रहा। धरने में पार्टी पदाधिकारियों, सदस्यों और विभिन्न संगठनों के लोगों ने भाग लिया।
मेधा पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता दीनदयाल त्रिपाठी ने कहा कि पार्टी गरीबों को मुफ्त शिक्षा का अधिकार दिलाने के अभियान को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकारों ने शिक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं किया तो पार्टी निर्णायक आंदोलन करने को बाध्य होगी। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की चुप्पी को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
संत कबीर नगर के सवर्ण आर्मी जिलाध्यक्ष विश्वनाथ त्रिपाठी ने धरने को समर्थन देते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सवर्ण आर्मी भी आंदोलन में शामिल होगी। मेधा पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीनदयाल तिवारी ने कहा कि शिक्षा में समानता और सामाजिक न्याय के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा और उनके अधिकार दिलाने की प्रतिबद्धता जताई।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार यूजीसी में नया कानून लाकर छात्रों को जाति और धर्म के आधार पर विभाजित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कानून वापस नहीं लिए जाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
धरने के 21वें दिन पं. सुनील भट्ट, उमेश पांडेय मुन्ना, संतोष शुक्ल, विशाल सिंह, दीपक शुक्ल, बृजेश द्विवेदी, हर्षित तिवारी, अजय कुमार चौधरी, राहुल त्रिपाठी, जावेद अहमद, विजय कुमार पाल, दिनेश कुमार चौधरी, रविंद्र सिंह, त्रिलोकीनाथ द्विवेदी, अंशू चौरसिया, देवेश पांडेय सहित मेधा पार्टी के अनेक पदाधिकारी, सदस्य और विभिन्न संगठनों के लोग मौजूद रहे।

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