बस्ती। मुण्डेरवा थाना क्षेत्र के अण्डा गांव निवासी सफीउल्लाह पुत्र स्व. किताबुल्लाह ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर भूमि विवाद में उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
शिकायती पत्र के अनुसार, 29 जुलाई 2026 की रात करीब आठ बजे गाटा संख्या-358 की भूमि पर रखे पतरे को कुछ लोगों द्वारा क्षतिग्रस्त किया जा रहा था। सूचना पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची। सफीउल्लाह का कहना है कि उन्होंने न्यायालय के आदेश भी पुलिस को दिखाए, लेकिन विवाद का समाधान नहीं हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि उसी रात गांव निवासी इसरार पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला किया गया, जबकि घटना के समय वह अपने घर पर मौजूद थे। इसके बावजूद गांव के कुछ लोगों के साथ कथित षड्यंत्र कर उन्हें इस मामले का मुख्य आरोपी बना दिया गया। शिकायत में सज्जाक, रमजान, जावेद, परवेज, जमशेद, मोबीन, सलमान और शमशाद सहित कई लोगों पर साजिश रचने का आरोप लगाया गया है।
सफीउल्लाह का कहना है कि भूमि की पैमाइश के लिए राजस्व विभाग से आदेश होने के बावजूद अब तक पैमाइश नहीं कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि 9 जुलाई को उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया तथा 15 जुलाई को बिना न्यायालय के वारंट के अण्डा चौराहे से पकड़कर धारा 151 के तहत उनका चालान कर दिया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने उनके भाई का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर उसमें मौजूद ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी और अब तक मोबाइल वापस नहीं किया है।
सफीउल्लाह ने दावा किया कि 29 जुलाई और 31 जुलाई की घटनाओं में भी उन्हें मुख्य आरोपी बनाया गया, जबकि संबंधित स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। उनका कहना है कि 31 जुलाई की शाम जिस समय मारपीट की घटना दर्ज की गई, उस समय वह एसडीएम न्यायालय में मौजूद थे।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि भूमि विवाद के चलते विपक्षी पक्ष उन पर लगातार जमीन का बैनामा कराने का दबाव बना रहा है और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इसरार पर हुए हमले के बावजूद उसकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
सफीउल्लाह ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, घटना स्थलों के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर उनकी जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

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