डीएम को दिए पत्र में आरोप लगाया गया है कि जिले में एक दर्जन से अधिक मोटर वाहन प्रशिक्षण विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनमें निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। समिति के अनुसार भारी वाहन लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए फॉर्म-5ए के नाम पर वाहन चालकों से 1,000 रुपये शुल्क लिया जा रहा है। शुल्क जमा करने के बाद रसीद मांगने पर विद्यालय प्रबंधन और कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
महेन्द्र श्रीवास्तव ने पत्र में कहा है कि जिलाधिकारी की ओर से 23 फरवरी 2026 को आदेश संख्या 121 जारी किया गया था, लेकिन संबंधित विद्यालयों द्वारा कथित रूप से आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रशिक्षण विद्यालय निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते और वहां आवश्यक प्रशिक्षकों की उपलब्धता भी नहीं है।
समिति ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई करने, मानकविहीन प्रशिक्षण विद्यालयों का संचालन बंद कराने तथा फॉर्म-5ए को निशुल्क किए जाने की मांग की है। जिला संरक्षक महेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो समिति आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

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