ग्रामीणों की समस्या को ज्ञापन के माध्यम से सामने रखते हुए बताया गया कि गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं होने के कारण लोगों को खेतों की मेड़ों और कच्चे रास्तों से होकर आवागमन करना पड़ता है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है तथा गांव का संपर्क प्रभावित हो जाता है।
सड़क के अभाव में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के आवागमन के साथ किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में भी परेशानी होती है। बरसात के दौरान गांव में बारात और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में वाहन पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है।
मोर्चे ने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी ग्रामीणों को सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है। जिलाधिकारी से ग्राम नेवादा-मुशलिसपुर तक पक्की सड़क का निर्माण शीघ्र कराने तथा संबंधित अधिकारियों से स्थलीय जांच कराकर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस दौरान राष्ट्रीय पूर्वांचल एकता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुनाथ उपाध्याय समेत मोर्चे से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे। मोर्चे ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर उसका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
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