वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
लखनऊ। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय द्वारा राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रम (एनएचडीपी) के अंतर्गत संचालित 'क्राफ्टशाला' पायलट परियोजना के तहत पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, पिपरसण्ड, लखनऊ में आयोजित चिकनकारी शिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। इस अवसर पर प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
समारोह में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सुमन कटियार, उप-प्रधानाचार्या डॉ. मीनाक्षी त्रिवेदी, कला शिक्षक एवं क्राफ्टशाला परियोजना के विद्यालय समन्वयक रामाशिष यादव, पुस्तकालयाध्यक्ष प्रेम प्रकाश शुक्ल, हस्तशिल्प सेवा केंद्र, लखनऊ के सहायक निदेशक (हस्तशिल्प) राजा आलम तथा हस्तशिल्प संवर्धन अधिकारी इन्द्रेश कुमार यादव उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने लखनऊ की प्रसिद्ध पारंपरिक चिकनकारी कला का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। साथ ही उन्हें इस शिल्प की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और कलात्मक विशेषताओं की जानकारी भी दी गई। अनुभवी शिल्पकारों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने हस्तशिल्प की मूलभूत तकनीकों को सीखते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा और कौशल का विकास किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि 'क्राफ्टशाला' पायलट परियोजना का उद्देश्य विद्यालयी विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध हस्तशिल्प परंपराओं से जोड़ना, उनमें पारंपरिक कलाओं के प्रति सम्मान और रुचि विकसित करना तथा कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना है। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय हस्तशिल्प विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
समारोह में विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण के अनुभव साझा किए और भविष्य में भी पारंपरिक हस्तशिल्प से जुड़े रहने का संकल्प लिया। आयोजन के अंत में सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।

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