वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने रामपुर पहुंचकर जिलााधिकारी को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए इसे शिक्षा और छात्रहित से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
ज्ञापन में कहा गया कि यह विश्वविद्यालय हजारों गरीब, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक तथा वंचित विद्यार्थियों को शिक्षा उपलब्ध करा रहा है। ऐसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान को ध्वस्त करने की कार्रवाई विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी। समाजवादी पार्टी ने कहा कि वह शिक्षा, संविधान और छात्रहित की रक्षा के लिए हर लोकतांत्रिक संघर्ष में सदैव अग्रणी रहेगी।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि किसी शैक्षणिक संस्थान की इमारत पर बुलडोजर चलाना देश के शैक्षिक ढांचे और शिक्षा के अधिकार की संवैधानिक भावना के विपरीत है। उन्होंने भवन ध्वस्तीकरण के आदेश को जनविरोधी बताते हुए सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों को संरक्षित और मजबूत किया जाना चाहिए, न कि उन्हें समाप्त करने की कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल में नसीर अहमद खां, कमाल अख्तर, शाहिद मंजूर, अताउर्रहमान, नवाब जान, हाजी नासिर कुरैशी, मोहम्मद फहीम इरफान, शहजिल इस्लाम अंसारी, रफीक अंसारी, अतुल प्रधान, पंकज कुमार मलिक, पिंकी सिंह, इकबाल महमूद, महबूब अली, स्वामी ओमवेश, तसलीम अहमद, मनोज कुमार पारस, राम अवतार सिंह सैनी, समर पाल सिंह, जयवीर सिंह सहित अनेक विधायक, पूर्व विधायक, जिलाध्यक्ष और पार्टी पदाधिकारी शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से ज्ञापन पर सकारात्मक कार्रवाई कर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

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