गोरखपुर। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर गोरखपुर महानगर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। शहर की कई प्रमुख सड़कें, कॉलोनियां और बाजार जलमग्न हो गए हैं। जगह-जगह घरों और दुकानों में पानी भरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस स्थिति को लेकर राष्ट्रीय सर्व जनकल्याण संकल्प पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप पाण्डेय ने सरकार, नगर निगम और प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए पांच सूत्री मांगपत्र जारी किया है।
कुलदीप पाण्डेय ने कहा कि गोरखपुर में सांसद, विधायक, महापौर और बड़ी संख्या में पार्षद सत्तारूढ़ दल के होने के बावजूद हर वर्ष शहर जलभराव की समस्या से जूझता है। उन्होंने कहा कि यदि बरसात के दौरान राजधानी जैसी सुविधाओं का दावा करने वाला गोरखपुर ही पानी में डूब जाए तो विकास के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह जनपद होने के बावजूद शहर की बदहाल जलनिकासी व्यवस्था चिंताजनक है। वर्षों से नालों की सफाई, ड्रेनेज सुधार और विकास कार्यों के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन हर मानसून में वही हालात सामने आ जाते हैं। उनका आरोप है कि बरसात से पहले नालों की समुचित सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने में लापरवाही बरती गई, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
कुलदीप पाण्डेय ने प्रशासन से मांग की कि जलभराव वाले क्षेत्रों से 24 घंटे के भीतर पानी निकाला जाए, जलनिकासी व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाए, क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, शहर के लिए आधुनिक एवं स्थायी ड्रेनेज मास्टर प्लान लागू किया जाए तथा जलभराव से प्रभावित परिवारों, दुकानदारों और छोटे व्यापारियों के नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि जनता अब केवल घोषणाओं से संतुष्ट नहीं होगी, बल्कि स्थायी समाधान और जवाबदेही चाहती है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो शहरवासियों की समस्याएं और बढ़ेंगी तथा जनता लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करेगी।

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