गोरखपुर। राष्ट्रीय सर्वजन कल्याण संकल्प पार्टी (आरएसजेएसपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप पाण्डेय ने देश की आरक्षण व्यवस्था पर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में आरक्षण को जातिगत आधार के बजाय आर्थिक आधार पर लागू करने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इससे समाज के सभी आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को समान अवसर मिल सकेगा तथा वास्तविक सामाजिक न्याय की स्थापना होगी।
कुलदीप पाण्डेय ने कहा कि आरक्षण की मूल भावना समाज के वंचित, पिछड़े और कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने की थी, लेकिन समय के साथ व्यवस्था में कई असंतुलन दिखाई देने लगे हैं। आज अनेक ऐसे परिवार भी आरक्षण का लाभ ले रहे हैं, जो आर्थिक रूप से सशक्त हो चुके हैं, जबकि कई गरीब और जरूरतमंद लोग अब भी अवसरों से वंचित हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी भी वर्ग के संवैधानिक अधिकारों के विरोध में नहीं है, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था की पक्षधर है, जिसमें सहायता का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि गरीबी किसी एक जाति या समुदाय की समस्या नहीं है, बल्कि यह हर वर्ग में मौजूद है। ऐसे में आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था अधिक न्यायसंगत और प्रभावी साबित हो सकती है।
आरएसजेएसपी प्रमुख ने कहा कि शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं में समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए समय-समय पर नीतियों का पुनर्मूल्यांकन आवश्यक है, ताकि सामाजिक न्याय की अवधारणा और अधिक मजबूत हो सके।
उन्होंने कहा कि आरक्षण पर संवाद संवेदनशीलता और समरसता के साथ होना चाहिए। उनका उद्देश्य किसी प्रकार का सामाजिक विभाजन नहीं, बल्कि समान अवसर और न्यायपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

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