बस्ती। मनोरमा नदी के संरक्षण, सफाई और अतिक्रमण मुक्ति की मांग को लेकर सोमवार को निकली ‘मनोरमा जनजागृति यात्रा’ ने जनआंदोलन का स्वरूप ले लिया। मखौड़ा धाम से जिलाधिकारी कार्यालय तक लगभग 65 किलोमीटर लंबी इस यात्रा में हजारों लोगों की भागीदारी ने मनोरमा नदी के प्रति क्षेत्रवासियों की गहरी चिंता और प्रतिबद्धता को उजागर किया।
वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा की शुरुआत मखौड़ा धाम में एक विशाल जनसभा से हुई। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मनोरमा नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और पर्यावरणीय जीवनरेखा है। उन्होंने कहा कि नदियों का संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसके लिए समाज तथा प्रशासन दोनों को मिलकर कार्य करना होगा।
यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रियों का स्वागत किया। सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने जलपान की व्यवस्था कर अभियान के प्रति अपना समर्थन जताया। बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी ने इस जनजागरण अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की।
जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मनोरमा नदी के पुनर्जीवन के लिए ठोस कार्ययोजना लागू करने, अतिक्रमण हटाने और नियमित सफाई अभियान चलाने की मांग की। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई चर्चा में नदी संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श हुआ।
इस अवसर पर चन्द्रमणि पाण्डेय ने कहा कि पिछले डेढ़ दशक से मनोरमा नदी को बचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। स्वयंसेवकों की मदद से विभिन्न घाटों के आसपास व्यापक सफाई अभियान चलाकर हजारों कुंतल मलबा हटाया गया है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए प्रशासनिक इच्छाशक्ति और प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के पर्यावरण, जल संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने सभी नागरिकों से मनोरमा बचाओ अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
यात्रा में शिवचरन जायसवाल, शक्तीदीप पाठक, विमलेन्द्र सिंह, अनुज त्रिपाठी, विनोद चौधरी, अवशेष पाठक, अभिषेक शर्मा, हीरालाल वर्मा, अवधेश वर्मा, रत्नेश श्रीवास्तव, देवशरण शुक्ल, उमानाथ द्विवेदी, राहुल शास्त्री, अतुल शास्त्री, विवेक पाण्डेय, चन्द्र प्रकाश त्रिपाठी, पशुपतिनाथ चौबे, नवीन तिवारी समेत हजारों कार्यकर्ता, समर्थक और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

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