वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा एवं जिलाधिकारी दीपक मीणा ने गोरखपुर-आनन्दनगर रेल खण्ड के मानीराम-पीपीगंज रेलवे स्टेशनों के मध्य समपार संख्या 14सी पर प्रस्तावित रेल उपरिगामी सेतु निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था सेतु निर्माण इकाई, गोरखपुर को निर्देश दिया गया कि बढ़या एवं सहजनवां की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को सेतु पर चढ़ने-उतरने में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए रोटरी का निर्माण कराया जाए।
अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-29 गोरखपुर-सोनौली मार्ग से सेतु को जोड़ने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मण्डलायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सेतु के पहुंच मार्ग का मिलान पूरी तरह सुरक्षित एवं दुर्घटनारहित ढंग से किया जाए तथा आवश्यकतानुसार रोटरी एवं मेटल क्रैश बैरियर का प्रयोग सुनिश्चित किया जाए।
मौके पर उपस्थित उप जिलाधिकारी कैम्पियरगंज को निर्देशित किया गया कि प्रस्तावित संरेखण के अनुसार प्रभावित निजी भूमि एवं भवनों के क्षेत्रफल का शीघ्र चिन्हांकन, मापन एवं मूल्यांकन कराया जाए तथा उपलब्ध सरकारी भूमि का विवरण भी तत्काल तैयार किया जाए।
इसके पश्चात अधिकारियों ने जनपद के पिपराईच-हाटा मार्ग स्थित क्रासिंग संख्या-6सी पर प्रस्तावित चार लेन रेल उपरिगामी सेतु निर्माण स्थल का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पूर्वोत्तर रेलवे के एईएन, महाप्रबंधक (गो.) तथा उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम, गोरखपुर के परियोजना प्रबंधक सहित अन्य अभियंता उपस्थित रहे।
मण्डलायुक्त ने निर्देश दिया कि सेतु निर्माण के दौरान स्थानीय निवासियों के मकान एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान न्यूनतम प्रभावित हों। परियोजना प्रबंधक को निर्देशित किया गया कि हाटा, कुशीनगर एवं सोनबरसा की ओर से आने-जाने वाले वाहनों की सुविधा के लिए भी रोटरी का निर्माण कराया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि सेतु का गोरखपुर साइड का भाग इस प्रकार विकसित किया जाए कि पिपराईच बाजार की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को पर्याप्त सर्विस रोड उपलब्ध रहे तथा सभी वाहन रेल उपरिगामी सेतु का सुचारु रूप से उपयोग कर सकें।

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