वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
महादेवा (बस्ती)। मुंडेरवा थाना क्षेत्र स्थित निजी अमृत हॉस्पिटल में कथित रूप से गलत इंजेक्शन लगाए जाने से 26 वर्षीय महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और अस्पताल के बाहर परिजनों व ग्रामीणों ने हंगामा किया।
जानकारी के अनुसार मुंडेरवा थाना क्षेत्र के लोहदर गांव निवासी अनिल चौधरी अपनी पत्नी रोशनी देवी को गुरुवार देर रात लगभग 11:30 बजे शरीर में तेज खुजली की शिकायत होने पर अमृत हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में महिला को लगातार तीन इंजेक्शन लगाए गए। आरोप है कि तीसरा इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद महिला की हालत अचानक बिगड़ गई और उसके मुंह से झाग निकलने लगा।
परिजनों के मुताबिक हालत गंभीर होने पर अस्पताल संचालकों ने महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन ओड़वारा रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचते-पहुंचते उसकी मौत हो गई। इसके बाद भी परिजन महिला को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल में लगाए गए इंजेक्शन की तस्वीर उन्होंने मोबाइल में खींच ली थी। परिजनों का दावा है कि जिला अस्पताल में डॉक्टर को फोटो दिखाने पर कथित रूप से गलत इंजेक्शन लगाए जाने की बात कही गई। हालांकि इस संबंध में अभी तक किसी डॉक्टर की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
परिजनों का यह भी आरोप है कि सुबह अस्पताल स्टाफ द्वारा जो इंजेक्शन का नाम बताया गया, वह रात में लगाए गए इंजेक्शन से अलग था। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और सड़क जाम कर विरोध जताया।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। हालात को देखते हुए डीएसपी रुधौली कुलदीप सिंह यादव भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर स्थिति को शांत कराया। अधिकारियों ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अमृत हॉस्पिटल को सील कर जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार महिला ने पहले कोई दवा खाई थी, जिसके बाद उसके शरीर में खुजली शुरू हुई थी। परिजनों का कहना है कि जिस दवा के सेवन के बाद महिला की तबीयत बिगड़ी, वह दवा अस्पताल स्टाफ को दिखाई गई थी, लेकिन उन्हें आश्वस्त किया गया कि मरीज को कोई खतरा नहीं है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय जांच के बाद ही महिला की मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

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