गोरखपुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद गोरखपुर की एक महत्वपूर्ण बैठक कार्यकारी अध्यक्ष राम समुझ शर्मा के आवासीय कैंप कार्यालय पर आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता परिषद अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने की।
बैठक में परिषद पदाधिकारियों ने लोक निर्माण विभाग गोरखपुर में 99 कर्मचारियों के दो माह का वेतन रोके जाने पर कड़ा विरोध जताया। वक्ताओं ने कहा कि “No Login, No Pay” की नीति तब तक स्वीकार नहीं की जा सकती, जब तक सरकार लॉगिन से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का समाधान नहीं करती।
परिषद के नेताओं ने बताया कि कई सरकारी कार्यालयों में हाई-स्पीड इंटरनेट की कमी, पुराने कंप्यूटर और सर्वर डाउन रहने की समस्या आम है, जिसके कारण कर्मचारियों का समय पर लॉगिन करना संभव नहीं हो पाता। ऐसे में वेतन रोकना अनुचित और दंडात्मक कार्रवाई है।
परिषद के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना या स्पष्टीकरण के वेतन रोकना नियमों के विरुद्ध है। कर्मचारियों को फील्ड व अन्य सरकारी कार्यों में भी समय देना पड़ता है, जिससे वे हर समय सिस्टम पर सक्रिय नहीं रह सकते।
परिषद अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए रोके गए वेतन का तत्काल भुगतान कराया जाए। साथ ही, कार्यालयों में बेहतर इंटरनेट सुविधा और नए कंप्यूटर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जब तक तकनीकी ढांचा पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो जाता, तब तक इस नीति पर रोक लगाने की मांग की गई।
बैठक में मदन मुरारी समेत अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि वेतन रोकना कर्मचारियों को आर्थिक संकट की ओर धकेलने जैसा है।
इस दौरान गोविंद जी, विनीता सिंह, अशोक पांडे, राजेश मिश्रा, बंटी श्रीवास्तव, इजहार अली, निसार अहमद, रामधनी पासवान, सूर्य वेद, मोहम्मद आरिफ, सुधीर श्रीवास्तव, आलोक सिंह, सच्चिदानंद पांडे, ओंकार नाथ राय सहित कई कर्मचारी उपस्थित रहे।

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