गोरखपुर। सुसाइड नोट ललिखने के बाद लापता हुए ठीकेदार का शव महराजगंज में रेलवे ट्रैक पर मिला। पहचान न होने पर पुलिस ने लावारिस मान अंतिम संस्कार कर दिया। जानकारी होने पर पहुंचे परिवार के लोगों ने घड़ी,चेन व कपड़ों से पहचान करने के बाद रामगढ़ताल थाने में तहरीर दी है। वीडियो व सुसाइड नोट में ठीकेदार ने जिन लोगों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। रामगढ़ताल थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
खोराबार के हक्काबाद निवासी 50 वर्षीय पवन कुमार निषाद ठीकेदारी करते थे। रामगढ़ताल क्षेत्र के काशीराम कालोनी में परिवार के साथ रहते थे। 10 अप्रैल की शाम उन्होंने रुपये के लेनदेन को लेकर एक वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किया और एक सुसाइड नोट लिखकर लापता हो गए। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो पत्नी निशा देवी ने रामगढ़ताल थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी। इसी बीच इंटरनेट मीडिया के जरिए जानकारी मिली कि महराजगंज जिले के बृजमनगंज क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। स्थानीय पुलिस ने शव को 72 घंटे तक मोर्चरी में रखने के बाद पहचान न होने पर उसका दाह संस्कार कर दिया था।
परिवार के लोगों ने फोटो और विवरण देखा, तो घड़ी, सोने की चेन और कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान पवन कुमार निषाद के रूप में की। पवन के दामाद आकाश कुमार ने रामगढ़ताल थाना पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि पवन कुमार ने सुसाइड नोट और वीडियो में जिन लोगों का नाम लिया था, उन्हीं के कारण यह घटना हुई है।
उन्होंने करीब दर्जन भर लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। रामगढ़ताल थाना प्रभारी नितिन रघुनाथ ने बताया कि आरोप की जांच कराई जा रही है। साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई होगी।
- स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल
पवन कुमार निषाद अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी निशा देवी गृहिणी हैं। परिवार में पांच बच्चे हैं, जिनमें दो बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि तीन बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
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