गोरखपुर। धान खरीद के भुगतान के लिए महीनों से विभाग के चक्कर लगा-लगाकर थक चुके भटहट ब्लाक के चिउटहां गांव निवासी किसान अभिषेक उपाध्याय ने मंगलवार को डीएम दीपक मीणा से अपनी पीड़ा बयां की। सदर तहसील सभागार में आयोजित तहसील समाधान दिवस में पहुंचे अभिषेक ने शिकायत दर्ज कराई कि 250 क्विंटल धान बेचने के बावजूद उन्हें केवल 125 क्विंटल का भुगतान मिला है।
बाकी भुगतान के लिए जनवरी 2026 से ही वह कई बार संबंधित अधिकारियों के पास चक्कर लगा रहे पर कोई समाधान नहीं हुआ। इस पर डीएम ने डिप्टी आरएमओ को कड़ी फटकार लगाई और एक सप्ताह के भीतर शेष भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि तय समयसीमा में भुगतान न होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने कहा कि धान और गेहूं खरीद और भुगतान से जुड़े मामलों में लापरवाही सीधे तौर पर किसानों को प्रभावित करती है, इसलिए ऐसे मामलों में ढिलाई स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने संबंधित विभाग को लंबित भुगतान के मामलों की समीक्षा कर जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए।
तहसील दिवस में कुल 180 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 18 का मौके पर समाधान किया गया। अधिकांश शिकायतें जमीन कब्जा, बंटवारा, वरासत और पैमाइश से संबंधित थीं। डीएम ने निर्देश दिया कि अवैध कब्जों के मामलों में देरी न की जाए और राजस्व व पुलिस टीम संयुक्त रूप से कार्रवाई करें। हसील दिवस में सबसे अधिक शिकायतें जमीन कब्जा, बंटवारा, वरासत, चकबंदी और पारिवारिक विवादों से जुड़ी रहीं।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ने एक अधिवक्ता की जमीन पर भू-माफिया द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत की, जिस पर डीएम ने तत्काल संज्ञान लेते हुए तहसीलदार सदर को तहसील दिवस समाप्त होते ही मौके पर पहुंचकर कब्जा हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। डीएम ने राजस्व प्रकरणों में अनावश्यक देरी और बार-बार जांच को लेकर भी नाराजगी जताई।
कहा कि एक ही मामले में बार-बार जांच से शिकायतकर्ता को परेशान करना उचित नहीं है। जांच की जिम्मेदारी तय हो और समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। एक व्यक्ति ने डीएम से अनुरोध करते हुए कहा कि घर में शादी है। लेकिन, सिलिंडर नहीं मिलने से पूरा परिवार परेशान है। डीएम के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी ने तत्काल व्यवस्था कराकर सिलेंडर उपलब्ध कराया, जिसपर उसने आभार जताया।
आइजीआरएस पोर्टल पर लंबित शिकायतों के निस्तारण और ई-फाइलिंग व्यवस्था के पालन पर भी उन्होंने जोर दिया। अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि मैन्युअल प्रक्रिया में काम करने पर कार्रवाई की जाएगी।
तहसील दिवस में आए अन्य मामलों में भी संबंधित विभागों को समयसीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने संकेत दिया है कि शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई पर सीधे जवाबदेही तय होगी।
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