गोरखपुर। युवती का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में प्रापर्टी डीलर गोल्डेन साहनी की जमानत याचिका को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुदेश कुमार ने कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए अभियुक्त का जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार किए जाने योग्य नहीं है।
गीडा थाना पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर मुकदमे में दुष्कर्म की धारा बढ़ाई थी। गोल्डेन पर मोहद्दीपुर-चारफाटक ओवरब्रिज पर एमबीबीएस छात्र समेत दो लोगों को कुचलने का भी गंभीर आरोप है।
बेलीपार इलाके की रहने वाली युवती ने गीडा पुलिस को तहरीर दी थी। उसने बताया कि चार मार्च की सुबह वह अपनी सहेली के साथ लखनऊ से गोरखपुर आई थी। दोपहर करीब तीन बजे जब वे होटल से अपने गांव जाने के लिए निकलीं, तभी गोल्डेन साहनी काले रंग की फार्च्यूनर से चार-पांच लोगों के साथ वहां पहुंचा और उन्हें जबरन गाड़ी में बैठा लिया।
आरोप है कि गोल्डेन ने युवती के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के बयान के बाद मुकदमे में दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी गई। इसी आधार पर फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गोल्डेन की जमानत याचिका खारिज कर दी। गोल्डेन साहनी पर पहले मोहद्दीपुर-चारफाटक ओवरब्रिज पर दो लोगों को कुचलने का भी आरोप है।
उसने चार मार्च की रात ही बीआरडी मेडिकल कालेज के एमबीबीएस छात्र आकाश पांडेय और ठीकेदार उमेश शर्मा को फार्च्यूनर से कुचल दिया था। हैरानी की बात यह है कि उसी दिन दोपहर में उसने युवती का अपहरण कर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था।
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