वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। प्रबंधन के उच्च स्तर पर निरंतर गहन मॉनिटरिंग एवं महाप्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे उदय बोरवणकर के दिशा-निर्देश में पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय, गोरखपुर स्थित यांत्रिक कारखाना ने कोच अनुरक्षण एवं उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। कारखाने ने निर्धारित लक्ष्य 2078 के सापेक्ष 2194 कोचों का आउटटर्न प्राप्त किया, जो लक्ष्य से 5.6 प्रतिशत अधिक है और अब तक का सर्वाधिक आउटटर्न है।
इस उपलब्धि के साथ गोरखपुर कारखाना भारतीय रेल की कार्यशालाओं में कुल आउटटर्न के आधार पर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। विशेष रूप से एल.एच.बी. कोचों के उत्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 36 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, वहीं वातानुकूलित कोचों के आउटटर्न में 27.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसके अतिरिक्त 78 पावर कारों का अब तक का सर्वाधिक उत्पादन भी हासिल किया गया है तथा अन्य श्रेणियों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
कारखाना उत्पादन एवं अनुरक्षण के साथ-साथ कार्य परिस्थितियों में सुधार हेतु भी लगातार प्रयासरत है। ऊर्जा दक्षता एवं पर्यावरण प्रबंधन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। कारखाने को लागत मुद्रास्फीति सूचकांक (सी.आई.आई.) द्वारा ग्रीनको प्लेटिनम रेटिंग तथा अंतर्राष्ट्रीय रेलवे उद्योग मानक (आई.आर.आई.एस.) प्रमाणन प्राप्त हुआ है, जो गुणवत्ता एवं प्रक्रियागत मानकों के सुदृढ़ीकरण की दिशा में सहायक है।
मुख्य कारखाना प्रबंधक डॉ. सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि गुणवत्ता एवं दक्षता में और सुधार के लिए विभिन्न अनुभागों को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मानव संसाधन के क्षेत्र में भी कारखाना अग्रणी रहा है। कार्य संचालन की निरंतरता बनाए रखने के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों के रिक्त पदों को समय से पदोन्नति के माध्यम से भरा जा रहा है। साथ ही महिला एवं दिव्यांग कर्मचारियों के सशक्तिकरण हेतु आवश्यक डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से कार्य निष्पादन में लगातार सुधार हो रहा है।
प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर नरेश कुमार ने इस उपलब्धि के लिए कारखाने के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी है।
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