वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। रेल कर्मचारियों की साहित्यिक प्रतिभा और अभिरुचि को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रेल मंत्रालय द्वारा हिन्दी गद्य साहित्य के लिए ‘प्रेमचंद पुरस्कार’ तथा काव्य-गजल संग्रह के लिए ‘मैथिलीशरण गुप्त पुरस्कार’ योजना के तहत आधार वर्ष-2025 के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं।
प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक सेवारत रेल अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी मौलिक कृति की तीन मुद्रित अथवा तीन टंकित प्रतियां 22 मई 2026 तक राजभाषा विभाग, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी कार्यालय, पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर को भेज सकते हैं। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त प्रविष्टियों पर विचार नहीं किया जाएगा। पुस्तक सामान्यतः 100 पृष्ठों से कम नहीं होनी चाहिए।
प्रतियोगिता में केवल सेवारत रेल अधिकारी और कर्मचारी ही पात्र होंगे। प्रतिभागियों को अपनी मौलिक कृति के साथ निर्धारित प्रारूप में आवश्यक विवरण एवं घोषणा-पत्र भी भेजना होगा। इसमें यह प्रमाणित करना होगा कि पुस्तक पूर्व में पुरस्कृत नहीं हुई है तथा 1 जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2025 के बीच पहली बार लिखी गई है।
रेलवे बोर्ड द्वारा चयनित श्रेष्ठ कृतियों को कथा, कहानी, उपन्यास, नाटक एवं अन्य गद्य साहित्य के लिए ‘प्रेमचंद पुरस्कार’ तथा काव्य-गजल संग्रह के लिए ‘मैथिलीशरण गुप्त पुरस्कार’ प्रदान किया जाएगा। दोनों विधाओं में प्रथम पुरस्कार 20 हजार रुपये, द्वितीय 10 हजार रुपये और तृतीय 7 हजार रुपये के साथ प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
पूर्वोत्तर रेलवे के अनेक अधिकारी और कर्मचारी पूर्व में भी इस योजना के तहत अपनी साहित्यिक पहचान बना चुके हैं तथा उनकी कई पुस्तकें इस प्रतियोगिता में शामिल हो चुकी हैं।

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