बस्ती। गुरुवार को लालगंज थाना क्षेत्र के उमरिया उर्फ अमिलहा गांव के नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर जमीनी विवाद में हुई मारपीट और कथित पुलिस मिलीभगत के खिलाफ जांच व कार्रवाई की मांग की। सरदार सेना के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य चौधरी ब्रजेश पटेल और जिलाध्यक्ष विनय चौधरी के नेतृत्व में पीड़ित पक्ष ने एसपी से मुलाकात कर घटना की जानकारी दी।
पीड़ित रामसेवक चौधरी पुत्र परशुराम चौधरी ने आरोप लगाया कि 19 अप्रैल की शाम करीब 8 बजे खेत जाते समय गांव के कुछ लोगों ने रंजिशन लोहे की रॉड, हॉकी और पाइप से हमला कर दिया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। किसी तरह बचकर वह इलाज कराने पहुंचा, लेकिन आरोप है कि हमलावर वहां भी पहुंचकर दोबारा मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित का कहना है कि जब वह शिकायत लेकर थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया और उल्टा उसके खिलाफ ही गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया। बाद में उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज (कैली) बस्ती रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
आरोप है कि पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ हल्की धाराओं में ही मामला दर्ज कर खानापूर्ति कर दी। पीड़ित ने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे की निष्पक्ष जांच कर निरस्तीकरण तथा आरोपियों पर कड़ी धाराओं में कार्रवाई की मांग की है।
इस दौरान इन्द्रजीत चौधरी, जामवंत, आनंद कुमार सिंहानिया, अखिलेश प्रजापति, शहजाद आलम, अभिषेक कुमार, दिनेश, रीतेश चौधरी समेत कई लोग मौजूद रहे।

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