बस्ती। अखिल भारतीय छत्रपति शिवाजी महाराज वेलफेयर फाउन्डेशन के तत्वावधान में शुक्रवार को मराठा साम्राज्य के संस्थापक वीर योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का संयोजन राष्ट्रीय अध्यक्ष बौद्ध अरविन्द सिंह पटेल ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर शिवाजी महाराज को नमन किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने शिवाजी महाराज के अद्वितीय साहस, कुशल नेतृत्व और स्वराज की स्थापना में उनके योगदान को याद किया। पूर्वांचल विकास बोर्ड के निवर्तमान सदस्य बौद्ध अरविन्द सिंह पटेल ने कहा कि शिवाजी महाराज की वीरता और त्याग भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है। उनका जीवन संघर्ष, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का प्रतीक है, जिससे आज की युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
उन्होंने ‘वन नेशन, वन एजुकेशन’ की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2018 में लागू शुल्क निर्धारण अध्यादेश को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए, ताकि निजी विद्यालयों की मनमानी पर रोक लग सके। साथ ही, इस व्यवस्था को पूरे देश में लागू कर शिक्षा को सभी के लिए सुलभ और किफायती बनाया जा सके।
कार्यक्रम में महिला मंच की प्रदेश अध्यक्ष गीता सिंह कुशवाहा, चिकित्सा मंच के प्रदेश सचिव डा. डी.के. गौतम, समाजसेवी डा. वी.के. वर्मा, डा. आलोक रंजन, डा. मनोज श्रीवास्तव सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने बताया कि शिवाजी महाराज ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने साहस और रणनीति के बल पर एक मजबूत और स्वतंत्र मराठा साम्राज्य की स्थापना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष कपिलदेव चौधरी ने की तथा संचालन वृजेश पटेल ने किया। इस दौरान रामफल गौतम, रामभवन पटेल, बसन्त चौधरी, गंगाराम यादव, राजेश्वरी गुप्ता, सरोज गौतम, बबिता, सोनी, विन्दवासिनी निषाद, ऋषि मुनि पाण्डेय, सन्तराम वर्मा, राम तीरथ वर्मा, राजेन्द्र प्रसाद, वीरेन्द्र कुमार वर्मा, जितेन्द्र कुमार, राहुल पटेल, विजय पटेल, वृजेश गौतम सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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