गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के यांत्रिक कारखाना, गोरखपुर में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक विचारोत्तेजक माहौल में सम्पन्न हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य कारखाना प्रबंधक डॉ. सुनील कुमार शर्मा ने की, जबकि केंद्रीय हिंदी निदेशालय, नई दिल्ली के निदेशक हितेन्द्र कुमार मिश्र मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर महान हिंदी साहित्यकार अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ की जयंती भी श्रद्धापूर्वक मनाई गई।
मुख्य अतिथि हितेन्द्र कुमार मिश्र ने अपने संबोधन में हिंदी की समृद्ध साहित्यिक विरासत और उसकी व्यापक अभिव्यक्ति क्षमता को रेखांकित करते हुए कहा कि हिंदी न केवल संवाद की भाषा है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय अस्मिता की सशक्त वाहक भी है।
डॉ. सुनील कुमार शर्मा ने प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के बढ़ते महत्व पर बल देते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने दैनिक कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि राजभाषा का प्रभावी क्रियान्वयन संगठन की कार्यक्षमता और जनसंपर्क को नई मजबूती प्रदान करता है।
उप मुख्य राजभाषा अधिकारी अनुज कुमार मिश्र ने बताया कि कारखाने में अधिकांश कार्य सफलतापूर्वक हिंदी में किए जा रहे हैं और ऐसे आयोजनों से कर्मचारियों में हिंदी के प्रति जागरूकता और उत्साह बढ़ता है।
संगोष्ठी में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी हिंदी के प्रचार-प्रसार, उसके व्यावहारिक उपयोग और राष्ट्र निर्माण में उसकी अहम भूमिका पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे, जिससे आयोजन को व्यापक सराहना मिली।

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