गोरखपुर। ब्राह्मणों के आराध्य देव चिरंजीवी भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव को युवा जनकल्याण समिति द्वारा राजेंद्र नगर पश्चिमी गोकुलधाम स्थित प्रधान कार्यालय में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत संस्थापक व संरक्षक ज्योतिषाचार्य पं. बृजेश पाण्डेय एवं संस्थाध्यक्ष कुलदीप पाण्डेय ने भगवान परशुराम की प्रतिमा पर तिलक चंदन लगाकर, पुष्प अर्पित कर तथा धूप-दीप प्रज्वलित कर आरती के साथ की। इस अवसर पर विश्व एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई।
पं. बृजेश पाण्डेय ने भगवान परशुराम के जीवन और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं और महर्षि जमदग्नि एवं माता रेणुका के पुत्र के रूप में वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया को अवतरित हुए। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम केवल ब्राह्मण समाज ही नहीं, बल्कि समस्त समाज के लिए न्याय, धर्म और शाश्वत मूल्यों के प्रतीक हैं।
उन्होंने पुराणों का उल्लेख करते हुए कहा कि अश्वत्थामा, बलि, व्यास, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य और परशुराम—ये सातों चिरंजीवी माने जाते हैं।
कार्यक्रम में संस्थाध्यक्ष कुलदीप पाण्डेय ने ब्राह्मण समाज की एकता पर बल देते हुए सरकार से सवर्ण आयोग के गठन तथा भगवान परशुराम जन्मोत्सव एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मंगल पाण्डेय की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की।
इस अवसर पर समिति के कई सदस्य एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

No comments:
Post a Comment