बस्ती। शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रदेश सचिव संजय प्रधान के नेतृत्व में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जिलाधिकारी को संबोधित 13 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में निजी स्कूलों में बढ़ते शिक्षा के बाजारीकरण पर रोक लगाने और सरकारी विद्यालयों में मानक के अनुरूप मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
ज्ञापन सौंपने के बाद संजय प्रधान ने कहा कि शिक्षा पूरी तरह बाजारीकरण की चपेट में आ चुकी है, जिससे अभिभावकों का शोषण हो रहा है। फीस, किताब और ड्रेस के नाम पर मनमानी वसूली की जा रही है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं। उन्होंने इस पर तत्काल अंकुश लगाने की मांग की।
ज्ञापन में जनपद के विद्यालयों में व्याप्त अव्यवस्थाओं और शिक्षा की गिरती गुणवत्ता पर गंभीर चिंता जताई गई। इसमें कहा गया कि सरकारी विद्यालयों में मिड-डे मील, छात्रवृत्ति और अन्य योजनाओं में अनियमितताएं सामने आ रही हैं। साथ ही शिक्षकों की लापरवाही और अनुपस्थिति के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों का भविष्य संकट में है।
शिवसेना (यूबीटी) ने मांग की कि सभी विद्यालयों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और फीस, किताब व ड्रेस के नाम पर हो रही अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए। दोषी विद्यालय प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की गई।
इसके अलावा शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने और अभिभावकों की शिकायतों के निस्तारण हेतु हेल्पलाइन व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई।
ज्ञापन देने वालों में जिला प्रमुख ई. रूपेन्द्र श्रीवास्तव, शिवम प्रताप सिंह, आदित्य सिंह, सूरज कुमार शुक्ल, प्रद्युम्न सिंह, प्रतीक मिश्र सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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