बस्ती। बस्ती सदर विकास खंड के ग्राम पंचायत सोनबरसा में हुए विकास कार्यों में अनियमितता की जांच में ग्राम प्रधान मिथिलेश उपाध्याय दोषी पाए गए हैं। जांच के आधार पर उनसे 60,736 रुपये की वसूली की सिफारिश जिला पंचायत राज अधिकारी को भेजी गई है।
यह मामला तब उजागर हुआ जब विश्व हिन्दू महासंघ युवामोर्चा के जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी ने विकास कार्यों में मनमानी और अनियमितताओं की शिकायत जिलाधिकारी से की। इसके बाद खंड विकास अधिकारी बस्ती सदर ने जांच कराई।
जांच दल ने मौके पर खंडजा निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। शिकायतकर्ता भी मौके पर उपस्थित थे। जांच में पाया गया कि राघव राम के खेत से परमात्मा प्रसाद के बोरिंग तक खंडजा कार्य की लंबाई 168 मीटर और औसत चौड़ाई 3.50 मीटर है। अभिलेखों के अनुसार 35,946 ईंटों पर 3,03,679 रुपये और मिट्टी कार्य पर 37,965 रुपये खर्च किए गए।
हालांकि, जांच में ईंटों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई। कई स्थानों पर राठ ईंट के बजाय मिश्रित दोयम दर्जे की ईंटें इस्तेमाल की गई थीं।
तकनीकी जांच के आधार पर कंसल्टिंग इंजीनियर मनोज कटियार, ग्राम सचिव अजय कुमार गौतम और ग्राम प्रधान मिथिलेश उपाध्याय की जिम्मेदारी तय की गई। इसके तहत ईंट खरीद पर किए गए भुगतान की 20 प्रतिशत राशि यानी 60,736 रुपये तीनों से बराबर हिस्सों में वसूलने की सिफारिश की गई है।
इस कदम से स्पष्ट संदेश गया कि ग्राम विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही को महत्व दिया जाएगा।

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