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Wednesday, February 25, 2026

काशी पुराधिपति के गौने के पूर्व महंत आवास में रजत पालकी पूजन, सायंकाल दिव्य श्रृंगार


वाराणसी। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी) में काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के गौना उत्सव रंगभरी एकादशी को लेकर शिवभक्तों में उत्साह छलकने लगा है। बाबा के गौना उत्सव में मां गौरा (माता पार्वती) के रजत चल विग्रह को नौ गौरी और नौ दुर्गा के आह्वान मंत्रों से पूजी गई हल्दी अर्पित हो गई है। गौने की रस्म में बुधवार को टैढ़ीनीम स्थित महंत आवास पर अपरान्ह तीन बजे बाबा की पारंपरिक रजत पालकी का पूजन किया जाएगा। पालकी की साफ-सफाई, रंग-रोगन और सजावट का कार्य पूरा हो गया है।

महंत पं.वाचस्पति तिवारी ने बताया कि सायंकाल 6:30 बजे माता गौरा का षोडशी श्रृंगार होगा। पारंपरिक काशी शैली में रेशमी वस्त्र, स्वर्णाभूषण, पुष्पमालाओं और चंदन-रोली से सुसज्जित स्वरूप का श्रद्धालु शाम को दर्शन करेंगे। उन्होंने बताया कि बाबा के गौना के निमित्त महंत आवास अब गौरा के मायके का रूप ले चुका है। आंगन में सजा मंगल मंडप, दीवारों पर पारंपरिक अलंकरण और महिलाओं के गीत—सब मिलकर उस पारिवारिक वातावरण की अनुभूति कराते हैं, जो काशी की विशिष्ट पहचान है। उन्होंने बताया कि 26 फरवरी गुरुवार को सायं 6:30 बजे बाबा का गौना लेने “गौरा-सदनिका” में प्रतीकात्मक आगमन होगा। यह आयोजन उस लोकभाव को जीवंत करता है, जब वर पक्ष दुल्हन को विदा कराने मायके पहुंचता है। इस अवसर पर बाबा विश्वनाथ की प्रतिमा को पारंपरिक राजसी पोशाक पहनाई जाएगी। इस वर्ष बाबा विशेष ‘देव किरीट’ धारण करेंगे, जिसे काशी के परंपरागत किरीट शिल्पी नंदलाल अरोड़ा ने तैयार किया है।

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