बस्ती। समाज सुधार और स्वच्छता के प्रणेता संत गाडगे बाबा की जयंती सोमवार को समाजवादी पार्टी कार्यालय में श्रद्धा और संकल्प के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में सपा जिलाध्यक्ष व बस्ती सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
महेन्द्रनाथ यादव ने संत गाडगे को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर लोकसेवा को ही अपना धर्म माना। भीख मांगकर धर्मशालाएं, गौशालाएं, विद्यालय, चिकित्सालय और छात्रावास बनवाने वाले इस महापुरुष ने अपने लिए कभी एक कुटिया तक नहीं बनवाई। वे धर्मशालाओं के बरामदों या वृक्षों के नीचे रहकर समाज के उत्थान में जुटे रहे।
उन्होंने कहा कि संत गाडगे स्वच्छता अभियान के अग्रदूत थे। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों, नशाखोरी, छुआछूत और शोषण के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। उनका स्पष्ट मानना था कि ईश्वर मंदिरों या तीर्थस्थलों में नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंदों की सेवा में बसता है।
पूर्व विधायक राजमणि पाण्डेय, विधायक राजेन्द्र चौधरी, कविन्द्र चौधरी ‘अतुल’, दयाशंकर मिश्र, जावेद पिण्डारी, मो. स्वालेह, मो. सलीम, जमील अहमद, गीता भारती, आर.डी. निषाद, हरीश गौतम और पंकज निषाद समेत अन्य वक्ताओं ने संत गाडगे के जीवन को सेवा, त्याग और समर्पण की मिसाल बताया।
कार्यक्रम के उपरांत सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पानी टंकी के निकट स्थित संत गाडगे की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सपा नेता राम बहाल चौधरी एवं राम आशीष वर्मा की माताजी के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

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