महादेवा (बस्ती)। विकास क्षेत्र बनकटी के बघाड़ी गांव में आयोजित श्री श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवस पर काशी धाम से पधारे भागवत व्यास कैलाश महाराज जी ने श्रद्धालुओं को भक्ति और सदाचार का संदेश दिया। कथा के दौरान उन्होंने युवाओं को नशा और व्यसनों से दूर रहने का आह्वान किया।
कथावाचक ने गोकर्ण और धुंधकारी के प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि जहां गोकर्ण धर्म और सदाचार के प्रतीक थे, वहीं धुंधकारी नशा और दुराचार में लिप्त होकर पतन की ओर बढ़ा। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति को सम्मान, सुख और शांति से दूर कर समाज में अपमानित करता है। युवाओं से अपील की गई कि वे अपनी ऊर्जा का उपयोग शिक्षा, सद्कर्म और राष्ट्र निर्माण में करें, न कि क्षणिक सुख देने वाले व्यसनों में।
कथा में श्रीमद्भागवत की महिमा का भी वर्णन हुआ। बताया गया कि मृत्यु के बाद धुंधकारी प्रेत योनि को प्राप्त हुआ, किंतु गोकर्ण द्वारा आयोजित सात दिवसीय भागवत कथा के श्रवण से उसे मुक्ति मिली और परम पद की प्राप्ति हुई। व्यास जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा में ऐसी दैवीय शक्ति है जो अधम से अधम जीव का भी उद्धार कर सकती है।
कथा से क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। आयोजकों ने बताया कि कथा उपरांत वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा रासलीला का मंचन भी किया जाएगा।

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