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Tuesday, February 24, 2026

युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार, 'शर्टलेस' विरोध प्रदर्शन के बाद राजधानी छावनी में तब्दील


नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पिछले सप्ताह 'एआई इम्पैक्ट समिट' (AI Impact Summit) के दौरान हुए हंगामेदार विरोध प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया है। चिब की गिरफ्तारी के साथ ही इस हाई-प्रोफाइल मामले में पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या आठ हो गई है।
- भारत मंडपम में क्या हुआ था?
बीते शुक्रवार को प्रगति मैदान के भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा तोड़कर हॉल नंबर 5 में प्रवेश किया था। वहां कार्यकर्ताओं ने अपनी कमीज उतारकर (Shirtless) सरकार और भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ नारेबाजी की थी। पुलिस के अनुसार, इन प्रदर्शनकारियों ने क्यूआर कोड के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर धोखे से कार्यक्रम स्थल में प्रवेश पाया था।
- राजधानी के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी 
चिब की गिरफ्तारी के बाद विरोध प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए पुलिस ने राजधानी के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। चिब की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या आठ हो गई है। पुलिस ने गत शुक्रवार को भारत मंडपम में हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के सात कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था, जिनमें से तीन को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से पकड़ा गया था। उनकी पहचान जितेंद्र यादव, राज गुज्जर और अजय कुमार के रूप में की गयी है।
इसके अलावा, युवा कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के महासचिव रितिक उर्फ ​​मोंटी शुक्ला को राज्य के ललितपुर से हिरासत में लिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर, विशेष रूप से नयी दिल्ली में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। तिलक मार्ग पुलिस थाने के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जहां फिलहाल चिब को हिरासत में रखा गया है, जबकि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों पर अवरोधक लगा दिए गए हैं और दंगा-रोधी टीम तैयार हैं।
अधिकारियों ने बताया कि कानून-व्यवस्था की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त टुकड़ियों को भी तैयार रहने के लिए कहा गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर तैनात कर्मियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि यातायात सुचारू रूप से चलता रहे।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘हमारी प्राथमिकता सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि दैनिक जीवन में कोई बाधा न आए। यदि कोई समूह बिना अनुमति के इकट्ठा होने का प्रयास करता है तो निवारक उपाय लागू किए जा सकते हैं।’’ पुलिस के अनुसार, प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अतिरिक्त धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें 196 (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना और सद्भाव विरोधी हानिकारक कृत्य) और 197 (राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक बयान) शामिल हैं, जिनमें तीन साल तक की कैद का प्रावधान है।
आपराधिक साजिश, लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन में बाधा डालना, लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी किए गए आदेश की अवज्ञा, गैरकानूनी सभा और साझा मंशा के आरोप पहले ही प्राथमिकी में जोड़ दिए गए थे। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने शुक्रवार को सम्मेलन स्थल के हॉल नंबर 5 के अंदर कमीज उतारकर और सरकार तथा भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ नारे छपी हुई टी-शर्ट हाथ में लेकर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों द्वारा उन्हें वहां से हटा दिया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने कार्यक्रम स्थल में प्रवेश के वास्ते क्यूआर कोड प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया था। इस मुद्दे ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे ‘‘वैश्विक मंच पर भारत की छवि को धूमिल करने का एक शर्मनाक कृत्य’’ बताया, जबकि भारतीय युवा कांग्रेस ने इसे राष्ट्रीय हितों की रक्षा के उद्देश्य से किया गया ‘‘शांतिपूर्ण’’ प्रदर्शन बताकर इसका बचाव किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच की जा रही है तथा और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘घटनाक्रम का पता लगाने और विरोध प्रदर्शन की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए हम सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्य और प्रवेश रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रहे हैं।’’ एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ता कथित साजिश के पहलू की और विरोध-प्रदर्शन के पीछे के वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रहे हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि टी-शर्ट पर नारे छपवाने के लिए किसने धन दिया था। अधिकारी ने बताया, ‘‘हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या कोई समन्वित प्रयास किया गया था और साजोसामान की व्यवस्था कैसे की गई थी।

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