लखनऊ। स्वच्छता, सेवा और सामाजिक समरसता के महान प्रेरणास्रोत संत गाडगे जी महाराज की 150वीं जयंती के अवसर पर सोमवार को विश्वेश्वरैया सभागार, पीडब्ल्यूडी मुख्यालय, हजरतगंज में भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आए जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, बुद्धिजीवी, धोबी समाज के प्रतिनिधि व बड़ी संख्या में समर्थक उपस्थित रहे।
समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, दयाशंकर सिंह, अरविंद कुमार शर्मा, उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक की धर्मपत्नी नम्रता पाठक, पूर्व मंत्री सुनील भराला सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन बालकृष्ण चौधरी ने किया, जबकि आयोजन डॉ. सुरेन्द्र चौधरी, सदस्य विधान परिषद द्वारा किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि संत गाडगे महाराज ने अपना जीवन स्वच्छता जागरण, अंधविश्वास उन्मूलन, जातिवाद के विरोध और शिक्षा प्रसार को समर्पित किया। वे हाथ में झाड़ू लेकर गांव-गांव सफाई करते और समाज को जागरूक करते थे। उनका संदेश था कि सच्ची पूजा मानव सेवा और स्वच्छता में है।
कार्यक्रम में संत गाडगे महाराज को भारत रत्न देने तथा 23 फरवरी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग दोहराई गई। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने आश्वासन दिया कि इस विषय पर मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री से वार्ता की जाएगी। साथ ही उत्तर प्रदेश में धोबी समाज कल्याण बोर्ड के गठन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
समारोह के अंत में सभी उपस्थित जनों ने राष्ट्रसंत के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

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