बस्ती। उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने परिवहन कर प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए 13 फरवरी से भाड़े या पारिश्रमिक पर संचालित वाहनों पर एकमुश्त (वन टाइम) कर व्यवस्था लागू कर दी है। यह संशोधन उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम के तहत किया गया है।
संभागीय परिवहन अधिकारी फरीदउद्दीन ने बताया कि नई कर व्यवस्था वाहन पोर्टल पर तकनीकी रूप से लाइव कर दी गई है। इस सुधार का उद्देश्य वाहन स्वामियों को बार-बार टैक्स जमा करने की जटिल प्रक्रिया से मुक्ति देना, कर प्रशासन को सरल बनाना और राजस्व संग्रह को अधिक पारदर्शी एवं सुदृढ़ करना है।
उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से गैर-परिवहन वाहनों को परिवहन श्रेणी में परिवर्तित करने की प्रक्रिया भी आसान होगी, जिससे परिवहन व्यवसाय को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
- एकमुश्त कर की प्रमुख दरें :
भाड़े पर संचालित दोपहिया मोटरसाइकिल – वाहन मूल्य का 12.5%
तिपहिया मोटर कैब – 7%
10 लाख रुपये तक के मोटर कैब (तिपहिया को छोड़कर) व मैक्सी कैब – 10.5%
10 लाख रुपये से अधिक के मोटर कैब व मैक्सी कैब – 12.5%
निर्माण उपकरण/विशेष प्रयोजन यान (जेसीबी, बुलडोजर आदि) – 6%
3000 किलोग्राम तक के माल वाहन (पिकअप आदि) – 3%
3000 से 7500 किलोग्राम तक के माल वाहन (मिनी ट्रक आदि) – 6%
पहले से पंजीकृत वाहनों के लिए एकमुश्त कर की गणना में पूर्व अवधि के प्रत्येक वर्ष पर 8 प्रतिशत की छूट दी जाएगी, जो अधिकतम 75 प्रतिशत तक सीमित रहेगी।
नई कर प्रणाली से वाहन मालिकों को आर्थिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर राहत मिलने की उम्मीद है।

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