ड्राइविंग सलीके की कमी, ओवरस्पीडिंग व हेलमेट–सीट बेल्ट न पहनना बढ़ा रहा दुर्घटनाओं का ग्राफ
वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। शासन के निर्देश पर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आयोजन जनपद में शुरू हो चुका है। परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा माह का विधिवत शुभारंभ किया गया है, बावजूद इसके सड़क दुर्घटनाओं में अपेक्षित कमी नहीं आ पा रही है। ओवरस्पीडिंग, नशे में वाहन चलाना, हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग न करना आज भी सड़क हादसों की प्रमुख वजह बने हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इसकी मूल समस्या लोगों में वाहन चलाने के सलीके और अनुशासन की कमी है।
जनपद में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर बनकर तैयार है, जहां वाहन चालकों का नियमित टेस्ट भी लिया जा रहा है। सड़क सुरक्षा को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय वाहनों व वाहन चालकों—दोनों की जांच और प्रशिक्षण पर विशेष जोर दे रहा है। इसी क्रम में जिलों में वाहनों की जांच के लिए ऑटोमैटिक टेस्टिंग सेंटर (एटीएस) तथा चालकों के प्रशिक्षण हेतु ऑटोमैटिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (एडीटीसी) खोले जा रहे हैं।
इसके बावजूद सड़कों पर दुर्घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। परिवहन विभाग और पुलिस विभाग द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, चालान की कार्रवाई भी निरंतर जारी है, फिर भी लोगों में अपेक्षित बदलाव नहीं दिख रहा। आए दिन बिना हेलमेट बाइक सवार और बिना सीट बेल्ट लगाए कार चालक सड़कों पर फर्राटा भरते नजर आते हैं।
संभागीय परिवहन अधिकारी फरीदउद्दीन ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह का मूल उद्देश्य लोगों को सुरक्षित यात्रा के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में विश्व के कुल वाहनों का मात्र 2 प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में देश की भागीदारी करीब 11 प्रतिशत है। यानी वाहन कम होने के बावजूद दुर्घटनाएं कहीं अधिक हो रही हैं। इसके साथ ही दुर्घटनाओं में मृत्यु दर भी चिंताजनक है। देश में हर साल करीब पौने दो लाख लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत होती है, जबकि उत्तर प्रदेश में लगभग 25 हजार लोगों की जान सड़क हादसों में जाती है। औसतन हर घंटे 18 लोग सड़क दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज और देश की हानि हैं। यदि हम सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में सफल होते हैं तो यह सीधे तौर पर देश की प्रगति और उन्नति में योगदान देगा। इसके लिए जरूरी है कि हर नागरिक यातायात नियमों का पालन करे और सुरक्षित वाहन संचालन को अपनी आदत में शामिल करे।

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