बस्ती। बुधवार को शिवसेना (यूबीटी) के प्रदेश सचिव संजय प्रधान के नेतृत्व में शिव सैनिकों ने जिलाधिकारी के प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में माघ मेले के दौरान ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई गई।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि माघ मेले में शंकराचार्य और उनके शिष्यों का अपमान करने वाले अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को सम्मानपूर्वक गंगा स्नान कराने की समुचित व्यवस्था की जाए।
ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदेश सचिव संजय प्रधान ने कहा कि मौनी अमावस्या के अवसर पर शाही स्नान के लिए जा रही शंकराचार्य की पालकी को पुलिस द्वारा रोका गया और कथित रूप से मारपीट की गई, जिसमें उनके कई शिष्य घायल हो गए। उन्होंने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया।
उन्होंने कहा कि इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि माघ मेला प्रशासन द्वारा शंकराचार्य से उनके पद से संबंधित प्रमाण-पत्र मांगा गया, जबकि शंकराचार्य किसी सरकार द्वारा नियुक्त नहीं किए जाते। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिवसेना शंकराचार्य और उनके शिष्यों के अपमान का मुखर विरोध करती है और उन्हें पूरा सम्मान दिए जाने की मांग करती है।
इस दौरान वरिष्ठ शिव सैनिक विनोदमणि त्रिपाठी, सूरज कुमार शुक्ल, आनंद, राघवेंद्र प्रताप, शिवशंकर सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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